प्रश्न 53: नीचे दिए गए कौन सा/से कथन राजस्थान में “राष्ट्रपति शासन” के लिए सत्य है/हैं –
1. पहला राष्ट्रपति शासन 13-03-1967 से 25-04-1967 तक
2. दूसरा राष्ट्रपति शासन 20-08-1977 से 21-05-1977 तक
3. तीसरा राष्ट्रपति शासन 17-02-1980 से 05-06-1980 तक
4. चौथा राष्ट्रपति शासन 15-12-1992 से 03-10-1993 तक
दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए:
Junior Accountant & Tehsil Revenue Accountant Exam 2023 (Paper 1)A) केवल 1
B) केवल 1 और 3
C) केवल 2
D) केवल 2 और 3
उत्तर: केवल 1 और 3
व्याख्या: राज्य में विधानसभा के चौथे आम चुनाव 1967 में किसी भी राजनीतिक दल को स्पष्ट बहुमत प्राप्त नहीं होने के कारण 13 मार्च 1967 से 26 अप्रैल 1967 तक पहली बार राष्ट्रपति शासन लगाया गया। इस राष्ट्रपति शासन के दौरान प्रदेश में डॉ. सम्पूर्णानंद राज्यपाल थे।
मार्च 1977 में केन्द्र में प्रथम बार बनी गैर कांग्रेस सरकार के आते ही हरिदेव जोशी की सरकार बर्खास्त कर दी गई। तत्पश्चात 29 अप्रैल 1977 को राज्य में दूसरी बार राष्ट्रपति शासन लागू हुआ जो 22 जून 1977 तक रहा।
जनवरी 1980 में लोकसभा के मध्यावधि चुनावों के पश्चात केन्द्र में पुन: सत्तारूढ़ होने वाली कांग्रेस सरकार ने 17 फरवरी 1980 को भैरोसिंह शेखावत सरकार को बर्खास्त कर विधानसभा भंग कर राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया जो 5 जून 1980 तक रहा।
दिसम्बर 1992 को अयोध्या में घटी घटनाओं के पश्चात केंद्र सरकार द्वारा प्रतिबंधित पांच संगठनों की गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने में राज्य सरकार के विफल रहने की राज्यपाल की रिपोर्ट पर केंद्र सरकार ने 15 दिसम्बर 1992 को भैरोसिंह शेखावत सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया तथा उसी दिन विधानसभा भंग कर दी। यह राष्ट्रपति शासन 3 दिसम्बर 1993 तक जारी रहा।
प्रश्न 54: निम्न में से किसकी सिफारिश पर राजस्थान में राजप्रमुख के पद को समाप्त कर राज्यपाल की व्यवस्था की गई –
RAS (Pre) Exam – 2023A) राज्य विधान सभा
B) संविधान सभा
C) राज्य पुनर्गठन आयोग
D) राज्य प्रशासनिक सुधार आयोग
उत्तर: राज्य पुनर्गठन आयोग
व्याख्या: राज्य पुनर्गठन आयोग की सिफारिशों के आधार पर, 1 नवंबर 1956 ई. से राजप्रमुख की संस्था को 7वें संविधान संशोधन द्वारा समाप्त कर दिया गया था। श्री गुरुमुख निहाल सिंह को 25 अक्टूबर 1956 ई. को राजस्थान के पहले राज्यपाल के रूप में नियुक्त किया गया था।
प्रश्न 55: राजस्थान में किन वर्षों में राष्ट्रपति शासन लागू किया गया था –
Sr. Teacher Gr II (Sec. Edu.) Exam – 2022 (G.K. Group – B) (Re-Exam)A) 1967, 1977, 1980, 1992
B) 1967, 1978, 1981, 1992
C) 1967, 1977, 1980, 1993
D) 1967, 1979, 1981, 1993
उत्तर: 1967, 1977, 1980, 1992
व्याख्या: राजस्थान में चार बार राष्ट्रपति शासन लागू किया गया है: पहली बार 13 मार्च 1967 से 26 अप्रैल 1967 तक, दूसरी बार 29 अप्रैल 1977 से 22 जून 1977 तक, तीसरी बार 17 फरवरी 1980 से 5 जून 1980 तक, और चौथी बार 15 दिसंबर 1992 से 3 दिसंबर 1993 तक।
प्रश्न 56: किस संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा राजस्थान में राजप्रमुख के पद को समाप्त कर दिया गया था –
Sr. Teacher Gr II (Sec. Edu.) Exam – 2022 (G.K. Group – B) (Re-Exam)A) पाँचवें संविधान संशोधन अधिनियम
B) छठे संविधान संशोधन अधिनियम
C) सातवें संविधान संशोधन अधिनियम
D) आठवें संविधान संशोधन अधिनियम
उत्तर: सातवें संविधान संशोधन अधिनियम
व्याख्या: सातवें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा राज्य पुनर्गठन आयोग की सिफारिशों के आधार पर 1 नवंबर 1956 को राजस्थान में राजप्रमुख के पद को समाप्त कर दिया गया था और राज्यपाल की व्यवस्था की गई थी।
प्रश्न 57: निम्नांकित में से कौन राजस्थान के राज्यपाल द्वारा नियुक्त नहीं किए जाते हैं –
Sr. Teacher Gr II Comp. Exam – 2022 (Sanskrit Edu.) Group BA) राजस्थान के कैबिनेट मंत्री
B) राज्य – पोषित विश्वविद्यालय के कुलपति
C) राजस्थान लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष
D) राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश
उत्तर: राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश
व्याख्या: राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा होती है (अनुच्छेद 217)। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 217(1) के अनुसार, उच्च न्यायालय के एक न्यायाधीश (मुख्य न्यायाधीश को छोड़कर) भारत के राष्ट्रपति द्वारा राज्य के राज्यपाल, भारत के मुख्य न्यायाधीश और संबंधित उच्च न्यायालय (इस मामले में, राजस्थान) के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श करने के बाद नियुक्त किया जाता है।
प्रश्न 58: यदि राजस्थान विधानसभा कोई ऐसा विधेयक पारित करती है जो उच्च न्यायालय की संवैधानिक स्थिति को खतरा पहुँचाता है, तो राजस्थान का राज्यपाल –
Sr. Teacher Gr II Comp. Exam – 2022 (Sanskrit Edu.) Group AA) विधेयक को राजस्थान के मुख्यमंत्री के पास उसके विचारण के लिए भेजेगा।
B) विधेयक को अनुमति देगा।
C) विधेयक पर हस्ताक्षर से पूर्व उच्च न्यायालय की सलाह लेगा तथा उस सलाह के अनुसार कार्य करेगा।
D) विधेयक पर अनुमति नहीं देगा, किन्तु उसे राष्ट्रपति के विचार के लिए आरक्षित रखेगा।
उत्तर: विधेयक पर अनुमति नहीं देगा, किन्तु उसे राष्ट्रपति के विचार के लिए आरक्षित रखेगा।
व्याख्या: यदि राजस्थान विधानसभा कोई ऐसा विधेयक पारित करती है जो उच्च न्यायालय की संवैधानिक स्थिति को खतरा पहुँचाता है, तो राजस्थान का राज्यपाल विधेयक पर अनुमति नहीं देगा, लेकिन उसे राष्ट्रपति के विचार के लिए आरक्षित रखेगा। यह एक महत्वपूर्ण संवैधानिक प्रक्रिया है जो न्यायपालिका की स्वतंत्रता और विधायिका की शक्तियों के बीच संतुलन बनाए रखने में मदद करती है।
प्रश्न 59: निम्नांकित में से कौन सा सुमेलित नहीं है –
Sr. Teacher Gr II Comp. Exam – 2022 (G.K. & Edu. Psychology) Group CA) राज्यपाल राज्य-विधानमण्डल के सदन को आहू करेंगे – अनुच्छेद 174
B) विधानमण्डल के विश्रांतिकाल में अध्यादेश प्रख्यापित करने की राज्यपाल की शक्ति – अनुच्छेद 123
C) कुछ मामलों में दण्डादेश के निलंबन, परिहार या लघुकरण की राज्यपाल की शक्ति – अनुच्छेद 161
D) राज्यपाल राज्य के महाधिवक्ता की नियुक्ति करेंगे – अनुच्छेद 165
उत्तर: विधानमण्डल के विश्रांतिकाल में अध्यादेश प्रख्यापित करने की राज्यपाल की शक्ति – अनुच्छेद 123
व्याख्या: विधानमण्डल के विश्रांतिकाल में अध्यादेश प्रख्यापित करने की राज्यपाल की शक्ति अनुच्छेद 123 में नहीं, बल्कि अनुच्छेद 213 में दी गई है। अनुच्छेद 123 राष्ट्रपति को विधानमण्डल के विश्रांतिकाल में अध्यादेश जारी करने की शक्ति प्रदान करता है, जबकि अनुच्छेद 213 राज्यपाल को यह शक्ति प्रदान करता है।
प्रश्न 60: राजस्थान के निम्नलिखित राज्यपालों में से कौन भारत के एयर चीफ मार्शल भी रह चुके हैं –
Sr. Teacher Gr II Comp. Exam – 2022 (Sanskrit Edu.) Group AA) सुखदेव प्रसाद
B) वसंत राव पाटिल
C) रघुकुल तिलक
D) ओ. पी. मेहरा
उत्तर: ओ. पी. मेहरा
व्याख्या: ओ. पी. मेहरा राजस्थान के राज्यपाल रहने के अलावा भारत के एयर चीफ मार्शल भी रह चुके हैं। उन्होंने 1985 से 1987 तक राजस्थान के राज्यपाल के रूप में कार्य किया। उनका भारतीय वायु सेना में एक विशिष्ट करियर रहा और वे एक प्रतिष्ठित सैन्य अधिकारी थे।
प्रश्न 61: अनुच्छेद 213 के तहत राज्यपाल को निम्न में से कौन सी शक्ति प्राप्त है –
Sr. Teacher Gr II Comp. Exam – 2022 (G.K. & Edu. Psychology) Group DA) मंत्रिपरिषद के निर्माण की शक्ति
B) अध्यादेश जारी करने की शक्ति
C) क्षमादान की शक्ति
D) निषेधाधिकार की शक्ति
उत्तर: अध्यादेश जारी करने की शक्ति
व्याख्या: संविधान के अनुच्छेद 213 के अंतर्गत राज्यपाल को विधानसभा के अधिवेशन के बीच में भी अध्यादेश जारी करने की विशेष शक्ति प्रदान की गई है। यह शक्ति उन्हें आपातकालीन स्थितियों में कानून बनाने की अनुमति देती है जब विधानसभा सत्र नहीं चल रहा हो।
प्रश्न 62: जब राजस्थान में पहली बार राष्ट्रपति शासन लगाया गया, यहाँ राज्यपाल कौन थे –
CET 2022 (12th Level) 11 February 2023 Shift-2A) सरदार जोगेन्द्र सिंह
B) श्री संपूर्णानंद
C) सरदार गुरमुख निहाल सिंह
D) सरदार हुकुम सिंह
उत्तर: श्री संपूर्णानंद
व्याख्या: राजस्थान में पहली बार राष्ट्रपति शासन 13 मार्च 1967 को लागू किया गया था, जब राज्य के चौथे विधानसभा चुनाव के बाद किसी भी राजनीतिक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था। उस समय डॉ. संपूर्णानंद राजस्थान के राज्यपाल थे जिन्होंने राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश की थी। यह राष्ट्रपति शासन 26 अप्रैल 1967 तक चला।
प्रश्न 63: निम्न में से कौन सा कथन राजस्थान के राज्यपाल के संबंध में असत्य है –
CET 2022 (12th Level) 05 February 2023 Shift-1A) राज्यपाल सचिवालय का प्रमुख राज्यपाल का सचिव होता है जो कि राजस्थान प्रशासनिक सेवा का अधिकारी होता है।
B) राज्यपाल की स्वविवेकीय शक्तियों से लिये गये निर्णयों को न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती।
C) राज्यपाल को मृत्युदंड के दण्डादेश के विरुद्ध क्षमादान की शक्ति प्राप्त नहीं है।
D) राज्यपाल को प्रशासनिक सहायता प्रदान करने के लिये राज्यपाल सचिवालय कार्यरत है।
उत्तर: राज्यपाल सचिवालय का प्रमुख राज्यपाल का सचिव होता है जो कि राजस्थान प्रशासनिक सेवा का अधिकारी होता है।
व्याख्या: यह कथन गलत है क्योंकि राज्यपाल सचिवालय का प्रमुख प्रमुख सचिव होता है, जो आमतौर पर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) का वरिष्ठ अधिकारी होता है। राज्यपाल का सचिव सचिवालय का प्रमुख नहीं होता है, बल्कि वह केवल राज्यपाल के निजी मामलों का प्रभारी होता है।
प्रश्न 64: राजस्थान में कितनी बार राष्ट्रपति शासन लागू किया गया –
CET 2022 (12th Level) 04 February 2023 Shift-1उत्तर: 4
व्याख्या: राजस्थान में अब तक चार बार राष्ट्रपति शासन लागू किया गया है। पहली बार 13 मार्च से 26 अप्रैल 1967 तक, दूसरी बार 29 अगस्त 1973 से 22 जून 1977 तक, तीसरी बार 16 मार्च से 6 जून 1980 तक और चौथी बार 15 दिसंबर 1992 से 4 दिसंबर 1993 तक।
प्रश्न 65: राज्यपाल की उपलब्धियाँ और भत्ते भारित होते हैं –
3rd Grade Teacher 2022 Sindhi L2 (राजस्थान सामान्य ज्ञान व शैक्षिक परिदृश्य)A) राज्य की संचित निधि पर
B) भारत की संचित निधि पर
C) राज्य की आकस्मिक निधि पर
D) भारत की आकस्मिक निधि पर
उत्तर: राज्य की संचित निधि पर
व्याख्या: संविधान के अनुच्छेद 202 के तहत, राज्यपाल के वेतन, भत्ते और अन्य सुविधाएं राज्य की संचित निधि पर वहन की जाती हैं। इसका अर्थ है कि इन खर्चों के लिए विधान सभा की स्वीकृति की आवश्यकता नहीं होती है, जिससे राज्यपाल के पद की स्वतंत्रता और गरिमा बनी रहती है।
प्रश्न 66: सातवें संविधान संशोधन अधिनियम, 1956 की किस धारा के अनुसार एक व्यक्ति को दो या अधिक राज्यों का राज्यपाल नियुक्त किया जा सकता है –
3rd Grade Teacher 2022 Sindhi L2 (राजस्थान सामान्य ज्ञान व शैक्षिक परिदृश्य)A) धारा-2
B) धारा-4
C) धारा-3
D) धारा-6
उत्तर: धारा-6
व्याख्या: सातवें संविधान संशोधन अधिनियम, 1956 की धारा-6 के अनुसार, राष्ट्रपति को एक ही व्यक्ति को दो या अधिक राज्यों का राज्यपाल नियुक्त करने की शक्ति प्रदान की गई है। इस व्यवस्था का उद्देश्य छोटे राज्यों में प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना और खर्चों में कमी लाना है।
प्रश्न 67: भारत के संविधान के निम्नांकित में से किस अनुच्छेद में राज्यपाल का विशेष अभिभाषण का प्रावधान है –
3rd Grade Teacher 2022 Urdu L2 (राजस्थान सामान्य ज्ञान व शैक्षिक परिदृश्य)A) अनुच्छेद 173 में
B) अनुच्छेद 174 में
C) अनुच्छेद 176 में
D) अनुच्छेद 177 में
उत्तर: अनुच्छेद 176 में
व्याख्या: संविधान का अनुच्छेद 176 राज्यपाल के विशेष अभिभाषण का प्रावधान करता है। इसके तहत, राज्यपाल विधान सभा के सत्र की शुरुआत में या नई विधान सभा के पहले सत्र में अभिभाषण देता है। इस अभिभाषण में सरकार की नीतियों, कार्यक्रमों और भविष्य की योजनाओं का उल्लेख होता है, जो संसद के अभिभाषण के समान ही होता है।
प्रश्न 68: भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद में कहा गया है कि राज्य के राज्यपाल को राष्ट्रपति अपने अधिपत्र द्वारा नियुक्त करेगा –
3rd Grade Teacher 2022 Maths-Science L2उत्तर: 155
व्याख्या: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 155 में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि राज्य का राज्यपाल राष्ट्रपति द्वारा अधिपत्र (warrant) जारी करके नियुक्त किया जाता है। यह नियुक्ति राष्ट्रपति के विवेक पर निर्भर करती है, हालांकि वह केंद्रीय मंत्रिपरिषद की सलाह के अनुसार कार्य करता है।
प्रश्न 69: निम्नलिखित में से किसने राजस्थान में कार्यवाहक राज्यपाल या अतिरिक्त प्रभार वाले राज्यपाल के रूप में कार्य नहीं किया है –
Lecturer (Tech. Edu.) Exam – 2020 (Gen. Studies of State Paper – III)A) श्री मिलापचन्द जैन
B) श्री धनिकलाल मंडल
C) न्यायाधीश डी. पी. गुप्ता
D) श्री सुखदेव प्रसाद
उत्तर: श्री सुखदेव प्रसाद
व्याख्या: श्री सुखदेव प्रसाद ने 20 फरवरी, 1988 से 2 फरवरी, 1990 तक राजस्थान के नौवें राज्यपाल के रूप में कार्य किया, लेकिन वे कभी भी कार्यवाहक राज्यपाल या अतिरिक्त प्रभार वाले राज्यपाल के रूप में कार्य नहीं किया। जबकि श्री मिलापचन्द जैन, श्री धनिकलाल मंडल और न्यायाधीश डी. पी. गुप्ता सभी ने किसी न किसी समय कार्यवाहक राज्यपाल या अतिरिक्त प्रभार संभाला था।
प्रश्न 70: राजस्थान के निम्नलिखित में से कौन से संवैधानिक पदाधिकारी राज्यपाल द्वारा नियुक्त किए जाते हैं, लेकिन उन्हें राज्यपाल द्वारा उनके पद से नहीं हटाया जा सकता है –
(i) महाधिवक्ता
(ii) राज्य निर्वाचन आयुक्त
(iii) राजस्थान लोक सेवा आयोग के सदस्य
सही विकल्प का चयन कीजिए:
Lecturer (Tech. Edu.) Exam – 2020 (Gen. Studies of State Paper – III)A) केवल (i) और (ii)
B) केवल (ii) और (iii)
C) केवल (i) और (iii)
D) (i), (ii) और (iii)
उत्तर: केवल (II) और (III)
व्याख्या: महाधिवक्ता (Advocate General) राज्यपाल द्वारा नियुक्त किया जाता है और राज्यपाल के प्रसाद पर्यंत (pleasure) पद पर रहता है, जिसका अर्थ है कि राज्यपाल उसे हटा सकता है। लेकिन राज्य निर्वाचन आयुक्त और राजस्थान लोक सेवा आयोग के सदस्यों को राज्यपाल द्वारा नियुक्त किया जाता है, लेकिन उन्हें हटाने का अधिकार क्रमशः उच्चतम न्यायालय और राष्ट्रपति को है, राज्यपाल को नहीं।
प्रश्न 71: राजस्थान के निम्नलिखित में से किस राज्यपाल / राज्यपालों ने अपना कार्यकाल पूर्ण होने से पूर्व ही राज्यपाल पद से त्यागपत्र दे दिया –
(i) दरबारा सिंह
(ii) मदनलाल खुराना
(iii) प्रतिभा पाटिल
सही विकल्प का चयन कीजिए :
Lecturer (Tech. Edu.) Exam – 2020 (Gen. Studies of State Paper – III)A) केवल (i) और (ii)
B) केवल (ii) और (iii)
C) केवल (i) और (iii)
D) केवल (ii)
उत्तर: केवल (II) और (III)
व्याख्या: मदनलाल खुराना और प्रतिभा पाटिल दोनों ने अपना कार्यकाल पूरा होने से पहले ही राजस्थान के राज्यपाल पद से त्यागपत्र दिया था। मदनलाल खुराना ने 2004 में और प्रतिभा पाटिल ने 2007 में राज्यपाल पद से इस्तीफा दिया था। जबकि दरबारा सिंह ने अपना कार्यकाल पूरा किया था।
प्रश्न 72: निम्न में से कौनसा एक युग्म (राजस्थान के राज्यपाल – पूर्व पद) सही नहीं है –
CET 2022 (Graduate) 08 January 2023 Shift-2A) कल्याण सिंह – उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री
B) कलराज मिश्रा – उत्तरप्रदेश के राज्यपाल
C) राम नाईक – उत्तरप्रदेश के राज्यपाल
D) मदनलाल खुराना – दिल्ली के मुख्यमंत्री
उत्तर: कलराज मिश्रा – उत्तरप्रदेश के राज्यपाल
व्याख्या: कलराज मिश्रा उत्तरप्रदेश के राज्यपाल नहीं रहे हैं। वे राजस्थान के राज्यपाल रह चुके हैं और बाद में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल बने। कल्याण सिंह उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री रहे, राम नाईक उत्तरप्रदेश के राज्यपाल रहे, और मदनलाल खुराना दिल्ली के मुख्यमंत्री रह चुके हैं।
प्रश्न 73: राजस्थान के राज्यपाल पदेन कुलाधिपति होते हैं –
CET 2022 (Graduate) 07 January 2023 Shift-1A) राजस्थान के समस्त राज्य विश्वविद्यालयों के ।
B) समस्त राज्य एवं निजी विश्वविद्यालयों के साथ ही राजस्थान के भू-भाग में कार्यरत केन्द्रीय विश्वविद्यालयों के ।
C) समस्त राज्य विश्वविद्यालयों के साथ ही राजस्थान के भू-भाग में कार्यरत केन्द्रीय विश्वविद्यालयों के।
D) राजस्थान के समस्त राज्य के साथ ही निजी विश्वविद्यालयों के ।
उत्तर: राजस्थान के समस्त राज्य विश्वविद्यालयों के ।
व्याख्या: राजस्थान के राज्यपाल राज्य के सभी राज्य विश्वविद्यालयों के पदेन कुलाधिपति (Chancellor) होते हैं। वे निजी विश्वविद्यालयों या केंद्रीय विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति नहीं होते हैं। यह एक संवैधानिक प्रावधान है जो राज्यपाल को शैक्षणिक संस्थानों के प्रशासन में एक महत्वपूर्ण भूमिका प्रदान करता है।
प्रश्न 74: निम्नलिखित में से कौन-कौन सा कार्य राज्यपाल द्वारा किया जाता है –
(A) विधान सभा का सत्रावसान करना
(B) विधान सभा भंग करना
(C) विधान सभा की बैठक स्थगित करना
(D) विधान सभा का अधिवेशन आहूत करना
School Lecturer 2022 Gk (Group E)A) केवल (A), (B) और (C)
B) केवल (A), (C) और (D)
C) केवल (B), (C) और (D)
D) केवल (A), (B) और (D)
उत्तर: केवल (A), (B) और (D)
व्याख्या: राज्यपाल विधान सभा का सत्रावसान कर सकता है, विधान सभा को भंग कर सकता है, और विधान सभा का अधिवेशन आहूत कर सकता है। हालांकि, विधान सभा की बैठक स्थगित करने का अधिकार विधान सभा अध्यक्ष (स्पीकर) के पास होता है, न कि राज्यपाल के पास। ये शक्तियां संविधान के अनुच्छेद 174 और 175 में निहित हैं।
प्रश्न 75: निम्नांकित में से कौनसा युग्म सही सुमेलित नहीं है –
मुख्यमंत्री – राज्यपाल
School Lecturer 2022 Gk (Group E)A) मोहन लाल सुखाड़िया – हुकुम सिंह
B) हरिदेव जोशी – डॉ. संपूर्णानंद
C) जगन्नाथ पहाड़िया – रघुकुलतिलक
D) हीरालाल देवपुरा – ओ.पी. मेहरा
उत्तर: हरिदेव जोशी – डॉ. संपूर्णानंद
व्याख्या: हरिदेव जोशी के मुख्यमंत्रित्व काल में डॉ. संपूर्णानंद राज्यपाल नहीं थे। हरिदेव जोशी के कार्यकाल में (1973-1977 और 1985-1988) क्रमशः राज्यपाल रघुकुल तिलक और ओ.पी. मेहरा थे। डॉ. संपूर्णानंद 1967-1968 के दौरान राज्यपाल थे, जब मोहन लाल सुखाड़िया मुख्यमंत्री थे।
प्रश्न 76: राजस्थान में अनुसूचित क्षेत्र में राज्यपाल की शक्ति के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा / से कथन सही है/हैं –
(1) राज्यपाल को अनुसूचियों के प्रशासन के संबंध में राष्ट्रपति को वार्षिक रूप से या जब भी राष्ट्रपति की आवश्यकता होती है, एक रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होती है।
(2) राज्यपाल जनजाति सलाहकार परिषद् के संबंध में कोई नियम नहीं बनाते हैं।
(3) राज्यपाल जनजाति सलाहकार परिषद् के अध्यक्ष की नियुक्ति के तरीकों के लिए नियम बनाता है।
(4) राज्य का राज्यपाल विनियमन बना सकता है जो ऐसे क्षेत्रों में एस.टी. के सदस्यों द्वारा या उनके बीच भूमि के हस्तांतरण को प्रतिबंधित और प्रतिबंधित कर सकता है।
कूट-
School Lecturer 2022 Gk (Group E)A) केवल 1 सही है
B) 1, 2 और 4 सही हैं
C) 1, 3 और 4 सही हैं
D) 2 और 4 दोनों सही हैं
उत्तर: 1, 3 और 4 सही हैं
व्याख्या: कथन (2) गलत है क्योंकि राज्यपाल के पास जनजाति सलाहकार परिषद से संबंधित नियम बनाने की शक्ति है। वह इस परिषद की संरचना, कार्यप्रणाली और अध्यक्ष की नियुक्ति के लिए नियम बना सकता है। शेष कथन (1), (3) और (4) सही हैं क्योंकि राज्यपाल राष्ट्रपति को अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन के बारे में रिपोर्ट प्रस्तुत करता है, जनजाति सलाहकार परिषद के अध्यक्ष की नियुक्ति के लिए नियम बनाता है, और अनुसूचित क्षेत्रों में जनजातियों के बीच भूमि हस्तांतरण को नियंत्रित करने वाले विनियम बना सकता है।
प्रश्न 77: राजस्थान राज्य में दूसरी बार राष्ट्रपति शासन लागू किया गया था –
Forest Guard Exam 2022 Shift 3A) 1980 में
B) 1992 में
C) 1977 में
D) 1967 में
उत्तर: 1977 में
व्याख्या: राजस्थान में दूसरी बार राष्ट्रपति शासन 29 अगस्त 1973 से 22 जून 1977 तक लागू था। यह राष्ट्रपति शासन हरिदेव जोशी की सरकार के पतन के बाद लगाया गया था। इससे पहले पहला राष्ट्रपति शासन 13 मार्च से 26 अप्रैल 1967 तक लगा था। इसके बाद तीसरा राष्ट्रपति शासन 16 मार्च से 6 जून 1980 तक और चौथा राष्ट्रपति शासन 15 दिसंबर 1992 से 4 दिसंबर 1993 तक लागू रहा।
प्रश्न 78: निम्नांकित में से किसे सबसे पहले राजस्थान के राज्यपाल का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया –
Head Master (Sanskrit Edu.) – 20211 (PAPER-I)A) टी. वी. राजेश्वर
B) कैलाशपति मिश्र
C) धनिकलाल मण्डल
D) स्वरूप सिंह
उत्तर: स्वरूप सिंह
व्याख्या: स्वरूप सिंह को सबसे पहले राजस्थान के राज्यपाल का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया था। वे 1956 में राजस्थान के राज्यपाल नियुक्त हुए और उन्हें गुजरात का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया था। इसके बाद धनिकलाल मण्डल, कैलाशपति मिश्र, टी. वी. राजेश्वर और अन्य को भी अतिरिक्त प्रभार दिया गया।
प्रश्न 79: राजस्थान के निम्नांकित में से किस राज्यपाल ने राज्यपाल पद से त्यागपत्र दिया था –
Evaluation Officer 2020A) निर्मल चन्द जैन
B) मदन लाल खुराना
C) अंशुमन सिंह
D) दरबारा सिंह
उत्तर: मदन लाल खुराना
व्याख्या: मदन लाल खुराना ने राजस्थान के राज्यपाल पद से त्यागपत्र दिया था। वे जनवरी 2004 से अगस्त 2004 तक राजस्थान के राज्यपाल रहे और उन्होंने अपना कार्यकाल पूरा होने से पहले ही इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद वे दिल्ली के उपराज्यपाल नियुक्त हुए।
प्रश्न 80: किस सांविधानिक संशोधन अधिनियम द्वारा राजस्थान में राजप्रमुख संस्था समाप्त कर दी गई –
ASSISTANT PROFESSOR (COLLEGE EDUCATION DEPTT.) EXAM 2020A) 5वाँ सांविधानिक संशोधन अधिनियम, 1954
B) 6ठा सांविधानिक संशोधन अधिनियम, 1955
C) 7वाँ सांविधानिक संशोधन अधिनियम, 1956
D) 8वाँ सांविधानिक संशोधन अधिनियम, 1956
उत्तर: 7वाँ सांविधानिक संशोधन अधिनियम, 1956
व्याख्या: सातवां संविधान संशोधन अधिनियम, 1956 ने राज्यों के पुनर्गठन का प्रावधान किया और राजप्रमुख जैसे पदों को समाप्त कर दिया। इस संशोधन के तहत राजस्थान में राजप्रमुख की संस्था को समाप्त कर दिया गया और राज्यपाल की नियुक्ति का प्रावधान किया गया। यह राज्यों के पुनर्गठन अधिनियम का हिस्सा था जिसने भारत के राज्यों को भाषाई आधार पर फिर से व्यवस्थित किया।
प्रश्न 81: राजस्थान के निम्नांकित राज्यपालों में से कौन हिन्दुस्तान एअरोनॉटिक्स लिमिटेड के अध्यक्ष रह चुके हैं –
ASSISTANT PROFESSOR (COLLEGE EDUCATION DEPTT.) EXAM 2020A) ओ.पी. मेहरा
B) रघुकुल तिलक
C) सुखदेव प्रसाद
D) एम. चेन्नारेड्डी
उत्तर: ओ.पी. मेहरा
व्याख्या: ओ.पी. मेहरा राजस्थान के राज्यपाल रहने के अलावा हिन्दुस्तान एअरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। वे एक प्रसिद्ध वैमानिक थे और भारतीय वायु सेना के प्रमुख के रूप में भी सेवा कर चुके थे। उन्होंने 1985-1988 तक राजस्थान के राज्यपाल के रूप में कार्य किया।
प्रश्न 82: निम्नांकित में से कौन सा सही सुमेलित नहीं है –
ASSISTANT PROFESSOR (COLLEGE EDUCATION DEPTT.) EXAM 2020A) अनुच्छेद 153 – राज्यपाल का पद
B) अनुच्छेद 156 – राज्यपाल की पदावधि
C) अनुच्छेद 154 – राज्यपाल की कार्यपालिका शक्ति
D) अनुच्छेद 155- राज्यपाल को पद से हटाया जाना
उत्तर: अनुच्छेद 155- राज्यपाल को पद से हटाया जाना
व्याख्या: अनुच्छेद 155 राज्यपाल को पद से हटाने के बारे में नहीं है, बल्कि यह अनुच्छेद राज्यपाल की नियुक्ति के बारे में है। इसमें उल्लेख है कि राज्य का राज्यपाल राष्ट्रपति द्वारा अधिपत्र जारी करके नियुक्त किया जाता है। राज्यपाल को पद से हटाने का प्रावधान अनुच्छेद 156 में है, जो यह बताता है कि राज्यपाल राष्ट्रपति की इच्छानुसार पद पर रहता है।
प्रश्न 83: निम्नलिखित में से किसे सबसे पहले राजस्थान के राज्यपाल का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया –
JEN 2022: Elec. Mech. Degree (GK)A) टी. वी. राजेश्वर
B) कैलाशपति मिश्र
C) धनिक लाल मण्डल
D) स्वरूप सिंह
उत्तर: स्वरूप सिंह
व्याख्या: स्वरूप सिंह को सबसे पहले राजस्थान के राज्यपाल का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया था। वे 1956 में राजस्थान के राज्यपाल नियुक्त हुए और उन्हें गुजरात का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया था। राजस्थान में अब तक 9 अतिरिक्त कार्यभार वाले राज्यपाल रहे हैं, जिनमें स्वरूप सिंह पहले थे।
प्रश्न 84: राजस्थान के निम्नलिखित में से कौन से संवैधानिक पदाधिकारी राज्यपाल द्वारा नियुक्त किए जाते हैं, लेकिन उन्हें राज्यपाल द्वारा उनके पद से नहीं हटाया जा सकता है –
(i) महाधिवक्ता
(ii) राज्य निर्वाचन आयुक्त
(iii) राजस्थान लोक सेवा आयोग के सदस्य
सही विकल्प का चयन कीजिए –
A) केवल (i) और (ii)
B) केवल (ii) और (iii)
C) केवल (i) और (iii)
D) (i), (ii) और (iii)
उत्तर: केवल (II) और (III)
व्याख्या: महाधिवक्ता को राज्यपाल द्वारा नियुक्त किया जाता है और वह राज्यपाल के प्रसाद पर्यंत पद पर रहता है, जिसका अर्थ है कि राज्यपाल उसे हटा सकता है। लेकिन राज्य निर्वाचन आयुक्त और राजस्थान लोक सेवा आयोग के सदस्यों को राज्यपाल द्वारा नियुक्त किया जाता है, लेकिन उन्हें हटाने का अधिकार क्रमशः उच्चतम न्यायालय और राष्ट्रपति को है, राज्यपाल को नहीं।
प्रश्न 85: आयोग जिसने राज्यपालों के लिए पाँच वर्ष के एक निश्चित कार्यकाल की संस्तुति की –
JEN 2022: Electrical Degree (GK)A) राजमन्नार आयोग
B) पुंछी आयोग
C) शाह आयोग
D) लिब्रहान आयोग
उत्तर: पुंछी आयोग
व्याख्या: पुंछी आयोग (1970) ने राज्यपालों के लिए पाँच वर्ष के एक निश्चित कार्यकाल की संस्तुति की थी। इस आयोग का औपचारिक नाम ‘राज्यपालों के पद और शक्तियों पर आयोग’ था। इसने केंद्र-राज्य संबंधों की समीक्षा की और राज्यपाल की भूमिका को और अधिक स्पष्ट करने के लिए कई सिफारिशें कीं, जिसमें निश्चित कार्यकाल की संस्तुति भी शामिल थी।
प्रश्न 86: राजस्थान के निम्नलिखित राज्यपालों में से किन की मृत्यु पद पर रहते हुई हुई –
(i) श्री दरबारा सिंह
(ii) श्री निर्मल चंद्र जैन
(iii) श्री शैलेंद्र कुमार सिंह
(iv) श्री कैलाशपति मिश्र
सही कूट का चयन कीजिए –
JEN 2022: Electrical Degree (GK)A) (i) और (ii)
B) (i) और (iii)
C) (i), (ii) और (iii)
D) (ii) और (iv)
उत्तर: (I), (II) और (III)
व्याख्या: राजस्थान के तीन राज्यपालों का निधन उनके कार्यकाल के दौरान ही हो गया था। इनमें श्री दरबारा सिंह (1990), श्री निर्मल चंद्र जैन (2020) और श्री शैलेंद्र कुमार सिंह (2019) शामिल हैं। इनके अलावा श्री कैलाशपति मिश्र का निधन उनके कार्यकाल पूरा होने के बाद हुआ था।
प्रश्न 87: राजस्थान विधानसभा में प्रोटेम स्पीकार की नियुक्ति कौन करता है –
JEN 2022: Civil Diploma (GK)A) विधानसभा सदस्य
B) मुख्यमंत्री
C) नेता प्रतिपक्ष
D) राज्यपाल
उत्तर: राज्यपाल
व्याख्या: नवनिर्वाचित विधानसभा के पहले सत्र की अध्यक्षता करने के लिए राज्यपाल द्वारा एक वरिष्ठ सदस्य को प्रोटेम स्पीकर के रूप में नियुक्त किया जाता है। यह एक अस्थायी व्यवस्था है, जो तब तक लागू रहती है जब तक कि सदन अपना स्थायी अध्यक्ष (स्पीकर) नहीं चुन लेता। प्रोटेम स्पीकर का मुख्य काम शपथ ग्रहण समारोह और अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया को संपन्न कराना होता है।
प्रश्न 88: किस संविधान संशोधन अधिनियम ने राजस्थान में राजप्रमुख संस्था का लोप किया –
2nd Grade Teacher (SANSKRIT EDUCATION) Comp. Exam-2018 (Group -B)A) छठा संविधान संशोधन अधिनियम
B) सातवां संविधान संशोधन अधिनियम
C) आठवां संविधान संशोधन अधिनियम
D) नौवां संविधान संशोधन अधिनियम
उत्तर: सातवां संविधान संशोधन अधिनियम
व्याख्या: 1956 का सातवां संविधान संशोधन अधिनियम राज्यों के पुनर्गठन से संबंधित एक महत्वपूर्ण कानून था। इसी संशोधन के तहत, राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों में ‘राजप्रमुख’ का पद समाप्त कर दिया गया और उसकी जगह ‘राज्यपाल’ के पद की व्यवस्था की गई, जो केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त होता है।
प्रश्न 89: राजस्थान के राज्यपाल श्री. कलराज मिश्र के विषय में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है –
A) वे 2014-2019 तक 16वीं लोकसभा के सदस्य थे।
B) वे दो बार राज्यसभा के सदस्य रहे थे।
C) वे 2009-2011 तक उत्तर प्रदेश विधान सभा के सदस्य रहे थे।
D) वे 22-07-2019 से 09-09-2019 तक मध्य प्रदेश के राज्यपाल रहे थे।
उत्तर: वे 2014-2019 तक 16वीं लोकसभा के सदस्य थे।
व्याख्या: कलराज मिश्र ने उत्तर प्रदेश के देवरिया निर्वाचन क्षेत्र से 16वीं लोकसभा के सदस्य के रूप में कार्य किया, जिसका कार्यकाल 2014 से 2019 तक था। यह दिया गया कथन सही है। अन्य विकल्प गलत हैं क्योंकि वे तीन बार राज्यसभा के सदस्य रहे, उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य थे, और मध्य प्रदेश के राज्यपाल नहीं बने।
प्रश्न 90: निम्नांकित में से कौन सी राज्यपाल के पद के लिए शर्तें हैं –
i. वह भारत का नागरिक है।
ii. वह संसद के किसी सदन का या किसी राज्य के विधानमण्डल के किसी सदन का सदस्य नहीं होगा।
iii. वह अन्य कोई लाभ का पद धारण नहीं करेगा।
iv. वह पैंतीस वर्ष की आयु पूरी कर चुका है।
सही विकल्प का चयन कीजिए:
Police SI 14 September 2021 (Gk)A) केवल i और iv
B) केवल ii और iii
C) केवल i, ii और iii
D) i, ii, iii और iv
उत्तर: i, ii, iii और iv
व्याख्या: संविधान के अनुच्छेद 157 और 158 में राज्यपाल पद के लिए निर्धारित योग्यताएँ और शर्तें दी गई हैं। इनके अनुसार, राज्यपाल बनने के लिए व्यक्ति भारत का नागरिक होना चाहिए, कम से कम 35 वर्ष की आयु पूरी कर चुका होना चाहिए, और उसे संसद या किसी राज्य विधानमंडल का सदस्य नहीं होना चाहिए। साथ ही, वह कोई भी लाभ का पद (office of profit) नहीं धारण कर सकता है। अतः सभी चारों शर्तें लागू होती हैं।
प्रश्न 91: निम्नांकित में से कौन पद ग्रहण करने से पूर्व राजस्थान के राज्यपाल के समक्ष पद की शपथ लेता है/ लेते हैं –
Police SI 13 September 2021 (Gk)A) राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग का अध्यक्ष
B) राजस्थान का लोकायुक्त
C) राज्य निर्वाचन आयुक्त
D) राजस्थान का महाधिवक्ता
A) केवल (A) और (B)
B) केवल (A), (B) और (C)
C) (A), (B), (C) और (D)
D) केवल (A)
उत्तर: केवल (A) और (B)
व्याख्या: राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष और राजस्थान के लोकायुक्त को अपने पद ग्रहण करने से पहले राजस्थान के राज्यपाल के समक्ष शपथ लेना आवश्यक है। यह दोनों पद राज्य स्तर पर महत्वपूर्ण संवैधानिक पद हैं और इनकी नियुक्ति प्रक्रिया में राज्यपाल की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।
प्रश्न 92: निम्न में से कौनसा (अनुच्छेद – प्रावधान) युग्म गलत है –
VDO Exam 2nd Shift 28 Dec 2021A) अनुच्छेद 161 – राज्यपाल की क्षमादान की शक्ति
B) अनुच्छेद 167 – मुख्यमंत्री के कर्त्तव्य
C) अनुच्छेद 213 – अध्यादेश प्रख्यापित करने की राज्यपाल की शक्ति
D) अनुच्छेद 165 – राज्यपाल का विशेष अभिभाषण
उत्तर: अनुच्छेद 165 – राज्यपाल का विशेष अभिभाषण
व्याख्या: दिए गए विकल्पों में अनुच्छेद 167 और मुख्यमंत्री के कर्त्तव्यों का संबंध गलत है। वास्तव में, अनुच्छेद 167 मुख्यमंत्री के कर्त्तव्यों से संबंधित नहीं है, बल्कि यह राज्यपाल द्वारा विधानसभा को दी जाने वाली जानकारी से संबंधित है। मुख्यमंत्री के कर्त्तव्य अन्य अनुच्छेदों में वर्णित हैं।
प्रश्न 93: राजस्थान में अंतिम राष्ट्रपति शासन की अवधि क्या थी –
VDO Exam 1st Shift 28 Dec 2021A) 15 दिसंबर, 1992 – 03 दिसंबर, 1993
B) 1 दिसंबर. 1998 – 04 जनवरी, 1999
C) 30 अप्रैल, 1977 – 21 जून, 1977
D) 13 मार्च, 1967 – 26 अप्रैल, 1967
उत्तर: 15 दिसंबर, 1992 – 03 दिसंबर, 1993
व्याख्या: राजस्थान में अंतिम राष्ट्रपति शासन 15 दिसंबर, 1992 को लागू हुआ था और 3 दिसंबर, 1993 को समाप्त हुआ था। यह राजस्थान का चौथा और अंतिम राष्ट्रपति शासन था, जो लगभग एक वर्ष तक चला। इससे पहले राजस्थान में तीन बार राष्ट्रपति शासन लागू हो चुका था।
प्रश्न 94: राज्य के राज्यपालों की केन्द्र द्वारा नियुक्ति के प्रावधान को लिया गया है –
VDO Exam 2nd Shift 27 Dec 2021A) स्विटजरलैण्ड से
B) आयरलेण्ड से
C) कनाडा से
D) संयुक्त राज्य अमेरिका से
उत्तर: कनाडा से
व्याख्या: भारतीय संविधान में राज्यपाल की केंद्र द्वारा नियुक्ति का प्रावधान कनाडा के संविधान से प्रेरित है। कनाडा में गवर्नर-जनरल प्रांतों के लिए लेफ्टिनेंट गवर्नर नियुक्त करता है, जो भारत में राज्यपाल की नियुक्ति के समान है। भारत के संविधान निर्माताओं ने कनाडा के संघीय संविधान से यह प्रावधान अपनाया, जहां केंद्रीय सरकार प्रांतीय राज्यपालों की नियुक्ति करती है।
प्रश्न 95: कंथनों को ध्यानपूर्वक पढ़िे –
I – राज्यपाल यह घोषित करेगा कि वह विधेयक को राष्ट्रपति के विचार के लिए आरक्षित रखता है। (अनुच्छेद-200)
II – राष्ट्रपति, राज्यपाल को यह निर्देश दे सकेगा कि वह विधेयक को सदन को लौटा दे। (अनुच्छेद-201)
निम्न में से कौन-सा विकल्प सही है –
VDO Exam 1st Shift 27 Dec 2021A) केवल कथन I सही है।
B) केवल कथन II सही है।
C) I एवं II दोनों कथन सही हैं।
D) I एवं II दोनों कथन गलत हैं।
उत्तर: I एवं II दोनों कथन सही हैं।
व्याख्या: संविधान के अनुच्छेद 200 के अनुसार, राज्यपाल किसी विधेयक को राष्ट्रपति के विचार के लिए आरक्षित रख सकता है, विशेषकर जब वह महसूस करता है कि वह विधेयक राष्ट्रीय हित से संबंधित है। इसके अलावा, अनुच्छेद 201 के तहत राष्ट्रपति राज्यपाल को निर्देश दे सकता है कि वह विधेयक को सदन में वापस भेज दे। ये दोनों प्रावधान संविधान में निहित हैं और केंद्र-राज्य संबंधों को विनियमित करते हैं।
प्रश्न 96: संविधान के किस अनुच्छेद के तहत मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है –
A) अनुच्छेद 164(1)
B) अनुच्छेद 156(2)
C) अनुच्छेद 152(1)
D) अनुच्छेद 151(4)
उत्तर: अनुच्छेद 164(1)
व्याख्या: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 164(1) के तहत राज्यपाल द्वारा मुख्यमंत्री की नियुक्ति की जाती है। यह अनुच्छेद स्पष्ट रूप से बताता है कि मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल करेगा और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति मुख्यमंत्री की सलाह पर होगी। यह प्रावधान राज्य सरकार के गठन की मूल प्रक्रिया को निर्धारित करता है और संविधान में राज्यपाल की भूमिका को परिभाषित करता है।
प्रश्न 97: अप्रैल 2022 तक राजस्थान में कितनी महिला राज्यपाल पद पर कार्य कर चुकी हैं –
उत्तर: 3
व्याख्या: अप्रैल 2022 तक राजस्थान में कुल तीन महिला राज्यपाल पद पर कार्य कर चुकी हैं। इनमें प्रभा राव (2009-2010), मृदुला सिन्हा (2018-2021) और कलराज मिश्र (2021 से वर्तमान) शामिल हैं। प्रभा राव अप्रैल 2010 में पद पर रहते हुए निधन हो गई थीं, जबकि अन्य दोनों ने अपना कार्यकाल पूरा किया।
प्रश्न 98: निम्नलिखित में से किस वर्ष में राजस्थान में राष्ट्रपति शासन था –
Raj Police Constable Exam (8 Nov 2020 S-2)A) 2008
B) 1971
C) 1967
D) 1985
उत्तर: 1967
व्याख्या: राजस्थान में कुल चार बार राष्ट्रपति शासन लागू हो चुका है। इनमें से 1967 में पहला राष्ट्रपति शासन लागू हुआ था, जो 13 मार्च से 26 अप्रैल 1967 तक चला था। यह लगभग 42 दिनों का सबसे छोटा राष्ट्रपति शासन था। इसके बाद 1977, 1980 और 1992-93 में भी राष्ट्रपति शासन लागू हुआ था।
प्रश्न 99: राजस्थान में लागू निम्नलिखित में से कौन सा राष्ट्रपति शासन का कार्यकाल सबसे लंबा रहा –
Raj Police Constable Exam (6 Nov 2020 S-2)A) दूसरा
B) तीसरा
C) पहला
D) चौथा
उत्तर: चौथा
व्याख्या: राजस्थान में चौथा राष्ट्रपति शासन सबसे लंबे समय तक चला। यह 15 दिसंबर 1992 से 3 दिसंबर 1993 तक लगभग एक वर्ष तक चला था। इससे पहले के तीनों राष्ट्रपति शासन की अवधि इससे कम थी – पहला (1967) 42 दिन, दूसरा (1977) लगभग 8 महीने, और तीसरा (1980) लगभग 3 महीने का था।
प्रश्न 100: पश्चिम परिक्षेत्र संस्कृति केंद्र, उदयपुर का अध्यक्ष कौन हैं –
Raj Police Constable Exam (6 Nov 2020 S-1)A) राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष (स्पीकर)
B) राजस्थान के राज्यपाल
C) राजस्थान के मुख्यमंत्री
D) राजस्थान के उप-मुख्यमंत्री
उत्तर: राजस्थान के राज्यपाल
व्याख्या: पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (WZCC) भारत के सात क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्रों में से एक है। यह मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार की सीधी पहल के तहत 1986-87 में स्थापित किया गया था। राजस्थान के राज्यपाल पश्चिम क्षेत्र संस्कृति केंद्र, उदयपुर के पदेन अध्यक्ष होते हैं। यह केंद्र पश्चिमी भारत के राज्यों की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और प्रोत्साहित करने का काम करता है।
प्रश्न 101: राज्यपाल के कार्यालय के लिए निम्नलिखित में से कौन सी शर्तें हैं/हैं –
1. वह संसद के किसी सदन या राज्य विधानमंडल के किसी सदन का सदस्य होना चाहिए।
2. वह ऐसे परिलब्धियों, भत्तों और विशेषाधिकारों का स्वत्वाधिकारी है जो राज्य विधानमंडल द्वारा निर्धारित किए जा सकते हैं।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2
उत्तर: न तो 1 और न ही 2
व्याख्या: अनुच्छेद 158 के अनुसार, राज्यपाल पद के लिए निम्नलिखित शर्तें हैं: (1) राज्यपाल संसद के किसी सदन का या पहली अनुसूची में विनिर्दिष्ट किसी राज्य के विधान-मण्डल के किसी सदन का सदस्य नहीं होगा। यदि कोई सदस्य राज्यपाल नियुक्त हो जाता है, तो उसे अपना स्थान रिक्त करना होगा। (2) राज्यपाल अन्य कोई लाभ का पद धारण नहीं करेगा। (3) राज्यपाल बिना किराया दिए, अपने शासकीय निवासों के उपयोग का हकदार होगा और ऐसी उपलब्धियों, भत्तों और विशेषाधिकारों का भी हकदार होगा जो संसद द्वारा निर्धारित हों।
प्रश्न 102: किसी राज्य के राज्यपाल (गवर्नर) के संबंध में निम्न कथनों पर विचार कीजिए :
1. उनको भारत के मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करते
2. वे राष्ट्रपति की इच्छा अनुसार पद पर रहते हैं ।
3. उनमें राज्य की कार्यकारी शक्तियाँ निहित हैं।
4. सामान्यतः वे पाँच वर्ष के लिए पद पर रहते हैं।
सही कथनों का चयन कीजिए।
Rajasthan Patwar 2021 (24 Oct 2021 ) 2nd shiftA) 1, 2, 3
B) 1, 2, 4
C) 2, 3, 4
D) 1, 2, 3, 4
उत्तर: 2, 3, 4
व्याख्या: राज्यपाल के संबंध में कथन 2, 3 और 4 सही हैं। राज्यपाल राष्ट्रपति की इच्छा अनुसार पद पर रहते हैं (कथन 2)। राज्य की कार्यकारी शक्तियाँ राज्यपाल में निहित होती हैं (कथन 3)। राज्यपाल सामान्यतः पाँच वर्ष के लिए पद पर रहते हैं (कथन 4)। हालांकि, कथन 1 गलत है क्योंकि राज्यपाल भारत के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति नहीं करते, यह अधिकार केवल राष्ट्रपति के पास होता है।
प्रश्न 103: राजस्थान के वे राज्यपाल जिनका कार्यकाल के दौरान निधन हुआ –
1. एस. के. सिंह
2. श्रीमती प्रभा राव
3. निर्मल चंद जैन
4. दरबारा सिंह
A) केवल 1
B) केवल 2
C) 2,4
D) 1, 2, 3, 4
उत्तर: 1, 2, 3, 4
व्याख्या: सभी चारों उल्लिखित व्यक्ति राजस्थान के पूर्व राज्यपाल थे, जिनका कार्यकाल के दौरान निधन हो गया। एस के सिंह सितंबर 2007 से दिसंबर 2009 में कार्यालय में मृत्यु होने तक राजस्थान के राज्यपाल थे। श्रीमती प्रभा राव दिसंबर 2009 से अप्रैल 2010 तक अपनी मृत्यु तक राजस्थान की राज्यपाल रहीं। निर्मल चंद जैन 14 मई 2003 से 22 सितंबर 2003 को अपनी मृत्यु तक राजस्थान के राज्यपाल थे। दरबारा सिंह 1 मई 1998 से 24 मई 1998 को अपनी मृत्यु तक राजस्थान के राज्यपाल थे।
प्रश्न 104: भारतीय संविधान का निम्नलिखित में से कौन सा अनुच्छेद राज्यपाल की कार्यपालक शक्तियों से संबंधित है –
Rajasthan Patwar 2021 (24 Oct 2021 ) 1st shiftA) अनुच्छेद 158
B) अनुच्छेद 142
C) अनुच्छेद 154
D) अनुच्छेद 171
उत्तर: अनुच्छेद 154
व्याख्या: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 154 राज्यपाल की कार्यपालक शक्तियों से संबंधित है। अनुच्छेद 153 और 154 के अनुसार, राज्यपाल राज्य का कार्यकारी प्रमुख होता है और राज्य की कार्यकारी शक्तियाँ राज्यपाल में निहित होती हैं। राज्यपाल इन शक्तियों का प्रयोग सीधे या अपने अधीनस्थ अधिकारियों के माध्यम से करता है। यह प्रावधान राज्य में कार्यकारी शक्तियों के संचालन की मूल संरचना को परिभाषित करता है।
प्रश्न 105: राजस्थान के राज्यपाल से संबंधित निम्न कथनों पर विचार कीजिए:
1. उसे भारत का नागरिक होना चाहिए।
2. उसकी आयु कम से कम 35 वर्ष होनी चाहिए ।
3. उसमें लोक सभा का सदस्य बनने की योग्यता होनी चाहिए।
4. वह एक से अधिक राज्यों का राज्यपाल हो सकता है।
Rajasthan Patwar 2021 (23 Oct 2021) 2nd shiftA) 2 तथा 3 सही हैं।
B) 3 तथा 4 सही हैं।
C) 1, 2 और 4 सही हैं।
D) 1, 2 और 3 सही हैं।
उत्तर: 1, 2 और 4 सही हैं।
व्याख्या: राज्यपाल के लिए कथन 1, 2 और 4 सही हैं। राज्यपाल को भारत का नागरिक होना चाहिए (कथन 1) और उसकी आयु कम से कम 35 वर्ष होनी चाहिए (कथन 2)। एक व्यक्ति को दो या दो से अधिक राज्यों का राज्यपाल नियुक्त किया जा सकता है (कथन 4)। हालांकि, कथन 3 गलत है क्योंकि राज्यपाल के लिए लोक सभा का सदस्य बनने की योग्यता होना आवश्यक नहीं है। संविधान में केवल दो योग्यताएं निर्धारित हैं – भारतीय नागरिक होना और 35 वर्ष की न्यूनतम आयु।
प्रश्न 106: भारतीय संविधान का निम्नलिखित में से कौन सा अनुच्छेद राज्यपाल के कार्यकाल से संबंधित है –
Rajasthan Patwar 2021 (23 Oct 2021) 2nd shiftA) अनुच्छेद 158
B) अनुच्छेद 156
C) अनुच्छेद 163
D) अनुच्छेद 171
उत्तर: अनुच्छेद 156
व्याख्या: भारतीय संविधान का अनुच्छेद 156 राज्यपाल के कार्यकाल से संबंधित है। इस अनुच्छेद के तहत, राज्यपाल राष्ट्रपति की प्रसन्नता पर पद पर बना रहता है। आमतौर पर, एक राज्यपाल का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है, लेकिन राष्ट्रपति किसी भी समय राज्यपाल को हटा सकता है। यह प्रावधान राज्यपाल की स्थिति और कार्यकाल को विनियमित करता है।
प्रश्न 107: राजस्थान में राजप्रमुख का पद कब समाप्त हुआ –
Rajasthan Patwar 2021 (23 Oct 2021) 2nd shiftA) 18 अप्रैल, 1948 को
B) 1 नवंबर, 1956 को
C) 26 जनवरी, 1950 को
D) 15 मई, 1949 को
उत्तर: 1 नवंबर, 1956 को
व्याख्या: राजस्थान में राजप्रमुख का पद 1 नवंबर, 1956 को समाप्त हुआ था। इस दिन सातवें संविधान संशोधन और राज्यों के पुनर्गठन अधिनियम के तहत राजस्थान का पुनर्गठन हुआ और राजप्रमुख की व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया। इसके बाद राज्यपाल का पद स्थापित किया गया और गुरुमुख निहाल सिंह राजस्थान के पहले राज्यपाल बने।
प्रश्न 108: गुरुमुख निहाल सिंह को राजस्थान का प्रथम राज्यपाल नियुक्त किया गया था –
RAS 2021A) 2 नवम्बर, 1956 को
B) 26 अक्टूबर, 1956 को
C) 1 नवम्बर, 1956 को
D) 25 अक्टूबर, 1956 को
उत्तर: 25 अक्टूबर, 1956 को
व्याख्या: गुरुमुख निहाल सिंह को 25 अक्टूबर, 1956 को राजस्थान का प्रथम राज्यपाल नियुक्त किया गया था। वे एक वरिष्ठ राजनेता और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सेनानी थे। उनकी नियुक्ति तब हुई जब राजस्थान में राजप्रमुख पद को समाप्त कर राज्यपाल का पद स्थापित किया गया था। उन्होंने 1 नवंबर, 1956 से अपना कार्यभार संभाला।
प्रश्न 109: राजप्रमुख के उन्मूलन के बाद राजस्थान के पहले राज्यपाल कौन थे –
A) सरदार गुरुमुख निहाल सिंघ
B) डॉ. संपूर्णानंद
C) सरदार हुकुम सिंघ
D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: सरदार गुरुमुख निहाल सिंघ
व्याख्या: राजप्रमुख के उन्मूलन के बाद सरदार गुरुमुख निहाल सिंह राजस्थान के पहले राज्यपाल बने। वे 25 अक्टूबर, 1956 को नियुक्त हुए और 1 नवंबर, 1956 से अपना कार्यभार संभाला। उनकी नियुक्ति के साथ ही राजस्थान में राजप्रमुख पद की व्यवस्था समाप्त हो गई और राज्यपाल पद की शुरुआत हुई।
प्रश्न 110: निम्नलिखित में से कौन भारतीय राज्य के राज्यपाल (राजस्थान) के लिए संविधान के प्रावधानों के संबंध में सही रूप से मेल करता है/हैं –
| अनुच्छेद | विशेषताएं |
|---|
| 1. अनुच्छेद 154 | राज्यपाल के पद का कार्यकाल |
| 2. अनुच्छेद 155 | राज्यपाल की नियुक्ति |
| 3. अनुच्छेद 156 | राज्य की कार्यकारी शक्ति |
A) केवल 2
B) केवल 1 और 2
C) केवल 2 और 3
D) 1, 2 और 3
उत्तर: केवल 2
व्याख्या: दिए गए विकल्पों में केवल अनुच्छेद 155 और राज्यपाल की नियुक्ति का संबंध सही है। अनुच्छेद 155 के तहत, राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा वारंट के माध्यम से की जाती है। जबकि, अनुच्छेद 154 राज्य की कार्यकारी शक्ति से संबंधित है, न कि राज्यपाल के कार्यकाल से। अनुच्छेद 156 राज्यपाल के कार्यकाल से संबंधित है, न कि राज्य की कार्यकारी शक्ति से। इसलिए केवल दूसरा विकल्प सही है।
प्रश्न 111: राज्यपाल के पद के संबंध में, सही कथनों की पहचान कीजिये;
1. वह अप्रत्यक्ष रूप से एक निर्वाचक मंडल द्वारा चुना जाता है।
2. वह राष्ट्रपति द्वारा अपने हाथ और मुहर के तहत वारंट द्वारा नियुक्त किया जाता है।
3. राज्य सरकार के सभी कार्यकारी कार्यों को उसके नाम पर लिया जाता है।
4. राष्ट्रपति की तरह, उनके पास राज्य विधान सभा को बुलाने, प्रचार करने या भंग करने की शक्ति नहीं है।
A) 1, 2, 3 और 4
B) केवल 2 और 4
C) केवल 1, 2 और 4
D) केवल 2 और 3
उत्तर: केवल 2 और 3
व्याख्या: राज्यपाल के पद के संबंध में कथन 2 और 3 सही हैं। राज्यपाल का चुनाव नहीं होता, उसे राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त किया जाता है (कथन 2)। अनुच्छेद 155 के तहत, राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा वारंट के माध्यम से होती है। अनुच्छेद 166 के तहत, राज्य सरकार के कार्यकारी कार्य राज्यपाल के नाम पर किए जाते हैं (कथन 3)। हालांकि, कथन 1 गलत है क्योंकि राज्यपाल का चुनाव नहीं होता। कथन 4 भी गलत है क्योंकि अनुच्छेद 174 के तहत, राज्यपाल को विधान सभा को बुलाने, स्थगित करने या भंग करने की शक्ति प्राप्त है।
प्रश्न 112: राज्य सरकार का संवैधानिक प्रमुख कौन है –
A) मंत्रिमंडल
B) राज्य का महाधिवक्ता
C) राज्यपाल
D) मुख्यमंत्री
उत्तर: राज्यपाल
व्याख्या: राज्य सरकार का संवैधानिक प्रमुख राज्यपाल होता है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 154 के अनुसार, राज्य की कार्यकारी शक्तियाँ राज्यपाल में निहित होती हैं। राज्यपाल राज्य का कार्यकारी प्रमुख होता है और सभी कार्यकारी कार्य उसके नाम पर किए जाते हैं। हालांकि, वास्तविक शक्ति मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमंडल के पास होती है, लेकिन संवैधानिक रूप से राज्यपाल ही राज्य सरकार का प्रमुख है।
प्रश्न 113: निम्नलिखित में से कौन राजस्थान के राज्यपाल के साथ-साथ भारत के मुख्य न्यायाधीश थे –
A) ओम प्रकाश मेहरा
B) अंशुमन सिंघ
C) जगदीश शरण वर्मा
D) ऊपरोक्त सभी
उत्तर: जगदीश शरण वर्मा
व्याख्या: जगदीश शरण वर्मा एकमात्र व्यक्ति हैं जो राजस्थान के राज्यपाल और भारत के मुख्य न्यायाधीश दोनों रह चुके हैं। उन्होंने 1998 से 1999 तक भारत के मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्य किया और बाद में 2004 से 2007 तक राजस्थान के राज्यपाल के रूप में सेवा दी। वे एक प्रतिष्ठित न्यायाधीश थे जिन्होंने भारत की न्यायपालिका में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रश्न 114: निम्नलिखित में से कौन सा कथन राज्यपालों की क्षमा करने के बारे में सही है/हैं –
1. वह कोर्ट-मार्शल (सेनान्वीक्षा) द्वारा सजा या सजा के संबंध में माफी, राहत, राहत, निलंबन, छूट या रूपांतरण कर सकता है।
2. वह क्षमा, दण्डित कर सकता है, राहत दे सकता है, और सजा या निलंबित कर सकता है, किसी भी कानून से संबंधित किसी भी अपराध के लिए किसी भी अपराध के दोषी व्यक्ति को सजा सुना सकता है, जिसके लिए राज्य की कार्यकारी शक्ति का विस्तार होता है।
A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न 1 न 2
उत्तर: केवल 2
प्रश्न 115: राजस्थान में राजप्रमुख का पद कब तक रहा-
A) नवम्बर,1956
B) जनवरी,1956
C) मार्च,1955
D) अप्रैल,1950
उत्तर: नवम्बर,1956
व्याख्या: राजस्थान में राजप्रमुख पद की स्थापना वर्ष 1949 में की गई थी। यह पद 1 नवंबर, 1956 तक विद्यमान रहा, जब संविधान के सातवें संशोधन और राज्यों के पुनर्गठन अधिनियम के अंतर्गत इस पद को समाप्त कर दिया गया और राज्यपाल का पद सृजित किया गया।
प्रश्न 116: राज्यपाल की नियुक्ति करता है –
A) मुख्यमंत्री
B) प्रधानमंत्री
C) राष्ट्रपति
D) उपराष्ट्रपति
उत्तर: राष्ट्रपति
व्याख्या: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 155 के अनुसार, राज्य का राज्यपाल राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त किया जाता है। राष्ट्रपति एक वारंट (आदेश) जारी करके राज्यपाल की नियुक्ति करता है, जिस पर राष्ट्रपति का हस्ताक्षर और मुहर होती है।
प्रश्न 117: राजस्थान में राज्यपाल पद का सृजन कब हुआ –
A) 23 फरवरी 1950
B) 1 नवम्बर 1956
C) 26 जनवरी 1952
D) 15 अगस्त 1951
उत्तर: 1 नवम्बर 1956
व्याख्या: राजस्थान में राज्यपाल का पद 1 नवंबर, 1956 को औपचारिक रूप से स्थापित किया गया था। यह बदलाव संविधान के सातवें संशोधन और राज्यों के पुनर्गठन अधिनियम के परिणामस्वरूप हुआ, जिसके तहत पहले से मौजूद ‘राजप्रमुख’ के पद को समाप्त कर ‘राज्यपाल’ का पद बनाया गया।
प्रश्न 118: राज्यपाल अपने स्वविवेकी कृत्यों को छोड़कर अपने कृत्यों का निर्वहन ……….. की सहायता और सलाह से करेगा –
2nd Grade Teacher (SANSKRIT EDUCATION) Comp. Exam-2018 (Group -B)A) मुख्यमंत्री
B) मुख्यमंत्री एवं मंत्रिपरिषद्
C) मंत्रिमण्डल
D) मुख्यमंत्री एवं मंत्रिमण्डल
उत्तर: मुख्यमंत्री एवं मंत्रिपरिषद्
व्याख्या: संविधान के अनुच्छेद 163 के अनुसार, राज्यपाल को अपने अधिकांश कार्यों का निर्वाह मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाले मंत्रिपरिषद् की सलाह और सहायता से करना होता है। हालाँकि, वह अपने विवेकाधीन शक्तियों का प्रयोग स्वतंत्र रूप से कर सकता है। यह व्यवस्था राज्य में संसदीय लोकतंत्र की नींव है।
प्रश्न 119: राजस्थान लोक सेवा आयोग के सदस्यों की संख्या और सेवा शर्तों का अवधारणा कौन करता है –
2nd Grade Teacher (SANSKRIT EDUCATION) Comp. Exam-2018 (Group -B)A) राज्यपाल
B) राष्ट्रपति
C) राज्य विधानसभा
D) मुख्यमंत्री
उत्तर: राज्यपाल
व्याख्या: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 318 के तहत, राज्यपाल को राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के अध्यक्ष और सदस्यों की संख्या निर्धारित करने का अधिकार प्राप्त है। इसके साथ ही, वह आयोग के सदस्यों और कर्मचारियों की सेवा की शर्तों को भी नियमित करता है, जिससे आयोग की कार्यप्रणाली सुचारू रूप से संचालित हो सके।
प्रश्न 120: निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए –
अ. मंत्री, मुख्यमंत्री के प्रसाद-पर्यन्त पद धारित करेंगे।
ब. राज्यपाल, राष्ट्रपति के प्रसाद-पर्यन्त पद धारित करेंगे।
स. मंत्रिपरिषद् सामूहिक रूप से, विधान सभा के प्रति उत्तरदायी होती है।
द. मुख्य मंत्री की पदावधि विधान सभा के कार्यकाल की समवर्ती होती है।
सही कथनों वाले कूट की पहचान कीजिए –
College Lecturer (Sarangi Instrument) Exam 2018(G.K.)A) अ और ब
B) ब और स
C) स और द
D) ब और द
उत्तर: ब और स
व्याख्या: कथन ‘अ’ गलत है क्योंकि मंत्री मुख्यमंत्री के ‘प्रसाद’ (pleasure) पर नहीं बल्कि राज्यपाल के प्रसाद पर पद पर बने रहते हैं (अनुच्छेद 164)। कथन ‘ब’ सही है क्योंकि राज्यपाल राष्ट्रपति के प्रसाद (pleasure) पर अपना पद धारण करता है (अनुच्छेद 156)। कथन ‘स’ सही है क्योंकि राज्य का मंत्रिपरिषद् विधान सभा के सामूहिक रूप से उत्तरदायी होता है (अनुच्छेद 164(2))। कथन ‘द’ गलत है क्योंकि मुख्यमंत्री का कार्यकाल विधान सभा के कार्यकाल के साथ बंधा नहीं है; जब तक वह विधानसभा में बहुमत साबित करता है, तब तक वह पद पर बना रह सकता है। इसलिए, केवल कथन ‘ब’ और ‘स’ सही हैं।
प्रश्न 121: राजस्थान के निम्नांकित राज्यपालों में से कौन लोकसभा-अध्यक्ष भी रहे हैं –
College Lecturer (Sarangi Instrument) Exam 2018(G.K.)A) बलिराम भगत
B) कल्याण सिंह
C) अंशुमान सिंह
D) प्रतिभा पाटिल
उत्तर: बलिराम भगत
व्याख्या: बलिराम भगत राजस्थान के राज्यपाल रहने के अलावा भारत के लोकसभा अध्यक्ष भी रह चुके हैं। वे राजस्थान के राज्यपाल के रूप में 1981 से 1985 तक कार्यरत थे और उससे पहले 1980 में लोकसभा के अध्यक्ष के पद पर आसीन थे।
प्रश्न 122: राज्यपाल राज्य में किसका प्रतिनिधि होता है –
A) प्रधानमंत्री का
B) गृहमंत्री का
C) राष्ट्रपति का
D) उपराष्ट्रपति का
उत्तर: राष्ट्रपति का
व्याख्या: संविधान के अनुच्छेद 156 के अनुसार राज्यपाल राष्ट्रपति के प्रसाद पर्यंत पद धारण करता है। राज्यपाल को शपथ उस राज्य के उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश द्वारा दिलायी जाती है। राजस्थान के प्रथम राज्यपाल गुरूमुख निहाल सिंह थे। प्रथम महिला राज्यपाल श्रीमती प्रतिभा पाटिल थीं। इनका कार्यकाल नवम्बर 2004 से जून 2007 तक रहा। भारत की प्रथम राज्यपाल सरोजनी नयडू थीं। वे उत्तर प्रदेश की राज्यपाल बनीं।
प्रश्न 123: राजस्थान में पूर्व-सैन्यकर्मियों के हितलाभों के लिए समेकित निधि की प्रबंधन समिति के अध्यक्ष कौन है –
Raj Police Constable(8416)A) राजस्थान के राज्यपाल
B) राजस्थान के मुख्यमंत्री
C) राजस्थान के गृह मंत्री
D) राजस्थान के गृह सचिव
उत्तर: राजस्थान के राज्यपाल
व्याख्या: राजस्थान में पूर्व-सैन्यकर्मियों के हितलाभ के लिए समेकित निधि की प्रबंधन समिति का अध्यक्ष राज्यपाल होता है, क्योंकि राज्यपाल को संवैधानिक रूप से इस तरह की कल्याणकारी समितियों का संरक्षक माना जाता है। यह व्यवस्था पूर्व-सैन्यकर्मियों के हितों की रक्षा के लिए की गई है और राज्यपाल की भूमिका इस समिति के माध्यम से इन कर्मियों के कल्याण सुनिश्चित करना है।
प्रश्न 124: भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के अंतर्गत राज्यपाल राजस्थान के महाधिवक्ता की नियुक्ति करता है –
Raj Police Constable(7981)A) अनुच्छेद 165
B) अनुच्छेद 170
C) अनुच्छेद 160
D) अनुच्छेद 158
उत्तर: अनुच्छेद 165
व्याख्या: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 165 के अनुसार महाधिवक्ता राज्य सरकार के मुख्य कानूनी सलाहकार के रूप में कार्य करता है। महाधिवक्ता भारत के अटॉर्नी जनरल के समान कर्तव्यों का पालन करता है, लेकिन राज्य स्तर पर। महाधिवक्ता की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है और वह राज्यपाल की इच्छा पर ही पद धारण करता है। यह प्रावधान राज्य सरकार को कानूनी सलाह प्रदान करने के लिए बनाया गया है।
प्रश्न 125: भारतीय संविधान का कौनसा अनुच्छेद उपबंध करता है, ‘प्रत्येक राज्य में एक राज्यपाल होगा।’-
Raj Jail Warder (28-10-18) Shift 2A) अनुच्छेद 164
B) अनुच्छेद 155
C) अनुच्छेद 154
D) अनुच्छेद 153
उत्तर: अनुच्छेद 153
व्याख्या: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 153 में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि प्रत्येक राज्य में एक राज्यपाल होगा। यह प्रावधान संविधान के छठे भाग में दिया गया है जो राज्यों के प्रशासन से संबंधित है। यह अनुच्छेद राज्यपाल के पद की स्थापना करता है और यह सुनिश्चित करता है कि प्रत्येक राज्य में एक कार्यकारी प्रमुख होगा जो राष्ट्रपति का प्रतिनिधित्व करेगा।
प्रश्न 126: निम्नलिखित में से किसकी नियुक्ति राज्यपाल द्वारा नहीं की जाती है –
Raj Jail Warder (21-10-18) Shift 1A) राज्य मंत्रीपरिषद्
B) राज्य माहधिवक्ता
C) राज्य लोक सेवा आयोग के सदस्य
D) राज्य पुलिस महानिदेशक
उत्तर: राज्य पुलिस महानिदेशक
व्याख्या: राज्य पुलिस महानिदेशक राज्य सरकार द्वारा नियुक्त किया जाता है। मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाएगी और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा मुख्यमंत्री की सलाह पर की जाएगी तथा मंत्री राज्यपाल की इच्छा पर्यन्त पद धारण करेंगे। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 165 के अनुसार महाधिवक्ता राज्य सरकार के मुख्य कानूनी सलाहकार के रूप में कार्य करता है। महाधिवक्ता भारत के अटॉर्नी जनरल के समान कर्तव्यों का पालन करता है, लेकिन राज्य स्तर पर। महाधिवक्ता की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है और वह राज्यपाल की इच्छा पर ही पद धारण करता है। राज्य लोक सेवा आयोग (एसपीएससी) के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति राज्यपाल करते हैं। यह नियुक्ति संविधान के अनुच्छेद 316 के तहत की जाती है।
प्रश्न 127: राज्यपाल की नियुक्ति कोन करता है –
Raj Jail Warder (20-10-18) Shift 3A) मुख्यमंत्री
B) प्रधानमंत्री
C) राष्ट्रपति
D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: राष्ट्रपति
व्याख्या: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 155 के अनुसार, राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा वारंट पर हस्ताक्षर करके की जाती है। राष्ट्रपति राज्यपाल को अपने विवेकाधीन नियुक्त करता है और उन्हें राष्ट्रपति के प्रसाद पर पद पर बने रहते हैं। राज्यपाल की नियुक्ति के लिए कोई निश्चित कार्यकाल नहीं होता है और वे राष्ट्रपति की इच्छा पर पद पर बने रहते हैं।
प्रश्न 128: निम्न विवरणों पर विचार करें –
1. अनुच्छेद 157 राज्यपाल के पद के लिये दो योग्यता निर्धारित करता है।
2. राज्यपाल राज्य व्यवस्थापिका का सदस्य होना चाहिये।
3. नियुक्ति से पूर्व राज्यपाल को 40 वर्ष की आयु पूर्ण कर लेनी चाहिये।
ऊपर दिये गये कौन से/सा विवरण सही है –
A) सिर्फ 1
B) सिर्फ 2 और 3
C) सिर्फ 1 और 3
D) 1, 2 और 3
उत्तर: सिर्फ 1
व्याख्या: संविधान के अनुच्छेद 157 में राज्यपाल के पद के लिए केवल दो योग्यताएँ निर्धारित की गई हैं – भारत का नागरिक होना और 35 वर्ष की आयु पूरी कर लेना। राज्यपाल को राज्य व्यवस्थापिका का सदस्य नहीं होना चाहिए, यह अनिवार्य है। नियुक्ति से पूर्व राज्यपाल को 35 वर्ष (40 वर्ष नहीं) की आयु पूरी कर लेनी चाहिए। अतः केवल पहला विवरण सही है।
प्रश्न 129: संविधान के किस अनुच्छेद में राज्यपाल को विधान सभा में ऐग्लो-इण्डियन समुदाय के सदस्य को नियुक्त करने का अधिकार है –
A) अनुच्छेद 223
B) अनुच्छेद 323
C) अनुच्छेद 333
D) अनुच्छेद 303
उत्तर: अनुच्छेद 333
व्याख्या: संविधान के अनुच्छेद 333 के तहत, राज्य विधानसभाओं में मनोनीत किए जाने वाले एंग्लो-इंडियन की संख्या राज्यपाल के विवेक पर छोड़ दी गई है। अब उस अनुच्छेद में संशोधन करने का प्रस्ताव है ताकि यह प्रावधान किया जा सके कि राज्यपाल द्वारा किसी भी राज्य विधानसभा में एक से अधिक एंग्लो-इंडियन को मनोनीत नहीं किया जाना चाहिए। यह प्रावधान एंग्लो-इंडियन समुदाय को राज्य विधानसभाओं में प्रतिनिधित्व प्रदान करने के लिए बनाया गया था।
प्रश्न 130: निम्नलिखित में से कौनसा राज्यपाल के विशेष अभिभाषण से सम्बन्धित है –
A) अनुच्छेद 176
B) अनुच्छेद 123
C) अनुच्छेद 177
D) अनुच्छेद 173
उत्तर: अनुच्छेद 176
व्याख्या: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 176 में राज्यपाल के विशेष अभिभाषण से संबंधित प्रावधान है। इसके तहत, राज्यपाल विधानसभा के प्रत्येक सत्र के प्रारंभ में विशेष अभिभाषण देता है और विधानमंडल को उसके दृष्टिकोण से अवगत कराता है। यह अभिभाषण राज्य सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों की जानकारी प्रदान करता है और इसे विधानसभा में चर्चा के लिए प्रस्तुत किया जाता है।
प्रश्न 131: राज्यपाल की अध्यादेश शक्ति भारतीय संविधान के अनुच्छेद ……….. में बताई गई है –
उत्तर: 213
व्याख्या: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 213 में राज्यपाल की अध्यादेश शक्ति का उल्लेख है। इस अनुच्छेद के तहत, जब विधानसभा का सत्र नहीं चल रहा होता है, तो राज्यपाल आवश्यक स्थिति में अध्यादेश जारी कर सकता है। यह अध्यादेश विधानसभा के अगले सत्र में प्रस्तुत किया जाना चाहिए और उसे अनुमोदित करना होता है, अन्यथा यह स्वचालित रूप से समाप्त हो जाता है।
प्रश्न 132: किसी विधेयक पर संवैधानिक उपबन्ध के तहत राज्यपाल की सिफारिश अपेक्षित थी, किन्तु बिना राज्यपाल की सिफारिश उसे राजस्थान विधानसभा में पुनःस्थापित किया गया और उसने पारित करके राज्यपाल को भेज दिया: अब
RAS/RTS Comb. Comp. (Pre) Exam 2018A) जहां राज्यपाल अनुमति देता है तो वह अधिनियम अविधिमान्य नहीं होगा।
B) राज्यपाल संवैधानिक प्रावधानों के अतिक्रमण के आधार पर अनुमति देने से इंकार कर सकता है।
C) राज्यपाल ऐसे विधेयक को राष्ट्रपति की अनुमति के लिये भेज देगा।
D) यदि राज्यपाल या राष्ट्रपति अनुमति दे तो न्यायालय संवैधानिक उपबन्धों के आधार पर उसे असंवैधानिक घोषित कर देगा।
उत्तर: जहां राज्यपाल अनुमति देता है तो वह अधिनियम अविधिमान्य नहीं होगा।
व्याख्या: एक विधेयक पर संवैधानिक प्रावधान के तहत, राज्यपाल की सिफारिश की आवश्यकता थी, लेकिन राज्यपाल की सिफारिश के बिना इसे राजस्थान विधानसभा में पेश किया गया था और इसे पारित करके राज्यपाल को भेज दिया गया था, अब राज्यपाल अनुमति देता है तो वह अधिनियम अविधिमान्य(invalid) नहीं होगा। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 200 किसी राज्य की विधानसभा द्वारा पारित विधेयक को सहमति के लिये राज्यपाल के समक्ष प्रस्तुत करने की प्रक्रिया को रेखांकित करता है, जो या तो सहमति दे सकता है, सहमति को रोक सकता है या राष्ट्रपति द्वारा विचार के लिये विधेयक को आरक्षित कर सकता है।
प्रश्न 133: राजस्थान के निम्नांकित राज्यपालों में से कौन राज्यपाल बनने के पूर्व राजस्थान लोक सेवा आयोग के सदस्य रहे हैं –
A) सुखदेव प्रसाद
B) रघुकुल तिलक
C) प्रोफेसर देवी प्रसाद चट्टोपाध्याय
D) निर्मल चंद्र जैन
उत्तर: रघुकुल तिलक
व्याख्या: रघुकुल तिलक राजस्थान लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष रहे थे, और बाद में 1977-1981 तक राजस्थान के राज्यपाल बने। 12 मई, 1977 से 8 अगस्त, 1981 तक राजस्थान के राज्यपाल रहे। इस अवधि में 22 जून, 1977 तक प्रदेश में राष्ट्रपति शासन रहा जो आपके कार्यभार संभालने से पूर्व 30 अप्रेल, 1977 को लागू हुआ था। वे राजस्थान लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएं देने के बाद राज्यपाल के पद पर नियुक्त हुए थे।
प्रश्न 134: संविधान के अनुच्छेद 213 के अनुसार राज्यपाल का अध्यादेश जारी करने का अधिकार है –
Sr Teacher Gr II Special Edu. Comp. Exam 2015 (G.K.)A) स्वविवेकीय
B) कार्यपालिकीय
C) यह शक्ति मंत्रिमंडल के परामर्श से प्रयुक्त की जाती है
D) केंद्र सरकार के परामर्श से
उत्तर: यह शक्ति मंत्रिमंडल के परामर्श से प्रयुक्त की जाती है
व्याख्या: संविधान के अनुच्छेद 213 के अनुसार, राज्यपाल का अध्यादेश जारी करने का अधिकार मंत्रिमंडल के परामर्श से प्रयुक्त किया जाता है। यह अध्यादेश तब जारी किया जा सकता है जब विधानसभा का सत्र नहीं चल रहा हो और तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता हो। अध्यादेश जारी करने के लिए राज्यपाल को मंत्रिपरिषद की सलाह लेनी होती है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि कार्यपालिका की शक्तियों का संतुलित उपयोग हो रहा है।
प्रश्न 135: निम्न में से किस संविधान (संशोधन) अधिनियम में एक ही व्यक्ति को दो या दो से अधिक राज्यों का राज्यपाल बनाने संबंधी प्रावधान किया गया है –
A) पांचवां संशोधन में
B) सातवां संशोधन में
C) तेहरवां संशोधन में
D) पच्चीसवां संशोधन में
उत्तर: सातवां संशोधन में
व्याख्या: सातवां संविधान संशोधन अधिनियम (1956): इसने अनुच्छेद 153 में संशोधन कर यह प्रावधान किया कि एक ही व्यक्ति को दो या अधिक राज्यों का राज्यपाल नियुक्त किया जा सकता है। यह राज्यों के पुनर्गठन के बाद प्रशासनिक सुविधा के लिए किया गया। इस संशोधन का मुख्य उद्देश्य छोटे राज्यों में राज्यपाल की नियुक्ति से लागत बचाना और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना था।
प्रश्न 136: राज्यपाल द्वारा अध्यादेश जारी करने से संबंधित शक्तियों का वर्णन संविधान के किस अनुच्छेद में किया गया है –
Asstt. Jailor Exam 2013(paper-II)उत्तर: 213
व्याख्या: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 213 में राज्यपाल द्वारा अध्यादेश जारी करने से संबंधित शक्तियों का वर्णन किया गया है। इस अनुच्छेद के तहत, राज्यपाल विधानसभा के सत्र के बीच में अध्यादेश जारी कर सकता है, जो विधानसभा के अगले सत्र में प्रस्तुत किया जाना चाहिए। यह अध्यादेश विधानसभा द्वारा अनुमोदित होने तक प्रभावी रहता है।
प्रश्न 137: राज्यपाल पद हेतु न्यूनतम आयु सीमा निर्धारित है –
Raj Jail Warder (21-10-18) Shift 2A) 35 वर्ष
B) 25 वर्ष
C) 18 वर्ष
D) 50 वर्ष
उत्तर: 35 वर्ष
व्याख्या: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 157 के अनुसार, राज्यपाल पद के लिए न्यूनतम आयु सीमा 35 वर्ष निर्धारित है। इसके अलावा, राज्यपाल बनने के लिए व्यक्ति को भारत का नागरिक होना चाहिए और वह संसद या राज्य विधानमंडल का सदस्य नहीं होना चाहिए। यह प्रावधान यह सुनिश्चित करता है कि राज्यपाल पद पर केवल एक परिपक्व और अनुभवी व्यक्ति ही नियुक्त हो।
प्रश्न 138: निम्न में कौनसा अधिकार राज्यपाल को नहीं है –
A) मुख्यमंत्री की नियुक्ति
B) मुख्यमंत्री की सलाह से अन्य मंत्रियों की नियुक्तियां
C) राज्य की कार्यपालिका की शक्ति सीमा में किसी भी दोषसिद्ध व्यक्ति के दण्ड को क्षमा करना
D) उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति
उत्तर: उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति
व्याख्या: राज्यपाल अनुच्छेद 168 के तहत राज्य विधायिका का एक हिस्सा है। राज्यों के उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को अनुच्छेद 217 के तहत राष्ट्रपति द्वारा प्रशासित किया जाता है। राज्यपाल के पास राष्ट्रपति जैसी आपातकालीन शक्तियां नहीं हैं। अनुच्छेद 161, राज्यपालों को क्षमा, आदि प्रदान करने और कुछ मामलों में सजा को निलंबित करने, हटाने या परिवर्तित करने की शक्ति प्रदान करता है। राज्यपाल मुख्यमंत्री की नियुक्ति करता है और मुख्यमंत्री की सलाह से अन्य मंत्रियों की नियुक्त करता है।
प्रश्न 139: राज्यपाल का सामान्य कार्यकाल होता है-
A) 2 वर्ष
B) 3 वर्ष
C) 5 वर्ष
D) 7 वर्ष
उत्तर: 5 वर्ष
व्याख्या: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 156 के अनुसार, राज्यपाल का सामान्य कार्यकाल 5 वर्ष का होता है। हालांकि, राज्यपाल राष्ट्रपति की इच्छा पर पद पर बने रहता है, इसलिए वह 5 वर्ष से पहले भी हटाया जा सकता है। राज्यपाल का कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी वह तब तक पद पर बना रहता है जब तक कि नया राज्यपाल नियुक्त नहीं कर दिया जाता है।
प्रश्न 140: राज्य विधानसभा में धन विधेयक केवल किसकी अनुशंसा से प्रस्तुत किया जा सकता है –
A) अध्यक्ष
B) वित्त मंत्री
C) मुख्यमंत्री
D) राज्यपाल
उत्तर: राज्यपाल
व्याख्या: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 207 के अनुसार, राज्य विधानसभा में धन विधेयक केवल राज्यपाल की अनुशंसा से प्रस्तुत किया जा सकता है। यह अनुशंसा राज्य सरकार द्वारा तैयार की जाती है और राज्यपाल के माध्यम से विधानसभा में प्रस्तुत की जाती है। यह प्रावधान यह सुनिश्चित करता है कि धन संबंधी विधेयकों को उचित प्रक्रिया के तहत ही प्रस्तुत किया जाए और राज्य की वित्तीय व्यवस्था का संचालन नियमित रूप से हो सके।
प्रश्न 141: राज्यपाल की नियुक्ति कौन करता है –
A) राष्ट्रपति
B) प्रधानमंत्री
C) मुख्यमंत्री
D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: राष्ट्रपति
व्याख्या: भारतीय संविधान के अनुसार, राज्य के राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा अपने हस्ताक्षर और मुद्रा सहित अधिपत्र जारी करके की जाती है। राज्यपाल राष्ट्रपति के प्रसाद पर्यन्त पद पर बने रहते हैं और राष्ट्रपति को सम्बोधित अपने हस्ताक्षर सहित लेख द्वारा अपना पद त्याग सकते हैं।
प्रश्न 142: भारत में राज्यों में संवैधानिक आपातकाल लगाने के लिए कौनसा अनुच्छेद है –
A) अनुच्छेद 355
B) अनुच्छेद 356
C) अनुच्छेद 357
D) अनुच्छेद 369
उत्तर: अनुच्छेद 356
व्याख्या: भारतीय संविधान का अनुच्छेद 356 राज्यों में संवैधानिक आपातकाल (राष्ट्रपति शासन) लगाने का प्रावधान करता है। इसके तहत, जब किसी राज्य में संवैधानिक मशीनरी विफल हो जाती है, तो राष्ट्रपति राज्यपाल की रिपोर्ट के आधार पर या स्वयं संतुष्ट होने पर राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा सकता है।
प्रश्न 143: राजस्थान में राष्ट्रपति शासन कितनी बार लगाया गया –
उत्तर: 4
व्याख्या: राजस्थान में अब तक चार बार राष्ट्रपति शासन लगाया जा चुका है। पहली बार 1967 में, दूसरी बार 1977 में, तीसरी बार 1980 में और चौथी बार 1992-93 में राष्ट्रपति शासन लागू किया गया था।
प्रश्न 144: राजस्थान में आखिरी बार जब राष्ट्रपति शासन लगाया गया, तब राज्यपाल कौन थे –
A) वसंतराव पाटिल
B) एम. चेन्ना रेड्डी
C) रघुकुल तिलक
D) देवी प्रसाद चट्टोपाध्याय
उत्तर: एम. चेन्ना रेड्डी
व्याख्या: राजस्थान में अंतिम राष्ट्रपति शासन का कार्यकाल 15 दिसंबर, 1992 से 03 दिसंबर, 1993 तक था। इस दौरान एम. चेन्ना रेड्डी राजस्थान के राज्यपाल थे। चौथा राष्ट्रपति शासन लागू करने का कारण विधानसभा में बहुमत के समर्थन का उपयोग लेने वाले भैरों सिंह शेखावत के बावजूद सरकार को बर्खास्त कर दिया गया था।
प्रश्न 145: नीचे दो कथन दिये गये हैं, एक को अभिकथन ‘अ’ और दूसरे को कारण ‘ब’ का नाम दिया गया है –
अभिकथन अ: सरकारिया कमीशन की सिफारिश के अनुसार अनुच्छेद 356 का प्रयोग कम से कम होना चाहिए।
कारण ब: जिन राजनीतिक दलों ने केंद्र में सरकार बनायी उन्होंने अनुच्छेद 356 का दुरूपयोग किया।
A) ब सत्य है, किन्तु अ असत्य है।
B) अ और ब दोनों सत्य हैं, किन्तु ब, अ की सही व्याख्या नहीं है।
C) अ और ब दोनों सत्य हैं और ब, अ की सही व्याख्या है।
D) अ सत्य है, किन्तु ब असत्य है।
उत्तर: अ और ब दोनों सत्य हैं और ब, अ की सही व्याख्या है।
व्याख्या: सरकारिया कमीशन (1983-88) ने अनुच्छेद 356 (राष्ट्रपति शासन) के दुरुपयोग को रोकने के लिए इसके सीमित और असाधारण परिस्थितियों में उपयोग की सिफारिश की थी। इतिहास में कई बार केंद्र सरकारों ने अनुच्छेद 356 का राजनीतिक दुरुपयोग किया, जैसे विपक्षी दलों की राज्य सरकारों को बर्खास्त करने के लिए। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 356 के अनुसार, भारत के राष्ट्रपति को राष्ट्र के किसी भी राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने और राज्य सरकार को निलंबित करने का अधिकार है।
प्रश्न 146: भारतीय संविधान का कौनसा अनुच्छेद उपबंध करता है, ‘प्रत्येक राज्य के लिए एक राज्यपाल होगा’ –
A) अनुच्छेद 154
B) अनुच्छेद 155
C) अनुच्छेद 153
D) अनुच्छेद 164
उत्तर: अनुच्छेद 153
व्याख्या: भारतीय संविधान का अनुच्छेद 153 यह उपबंध करता है कि प्रत्येक राज्य के लिए एक राज्यपाल होगा। यह अनुच्छेद यह भी निर्दिष्ट करता है कि एक व्यक्ति को दो या दो से अधिक राज्यों का राज्यपाल नियुक्त किया जा सकता है।
प्रश्न 147: राजस्थान में राज्य प्रशासन के विधितः प्रमुख हैं –
Sr. Teacher GrII Comp. Exam 2016 Gk (G-B)A) राज्य के मुख्यमंत्री
B) सम्भागीय आयुक्त
C) राज्य के महाधिवक्ता
D) राज्य के राज्यपाल
उत्तर: राज्य के राज्यपाल
व्याख्या: संविधान के अनुसार, राज्यपाल राज्य का विधितः प्रमुख होता है, लेकिन वास्तविक कार्यकारी अधिकार मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमंडल के पास होता है। राज्यपाल की भूमिका अधिकांशतः औपचारिक होती है और वे मंत्रिपरिषद की सलाह पर कार्य करते हैं।
प्रश्न 148: 1 नवम्बर, 1956 से पहले राजस्थान राज्य के प्रमुख जाने जाते थे –
Sr. Teacher GrII Comp. Exam 2016 Gk (G-B)A) गवर्नर जनरल
B) राज्यपाल
C) राज प्रमुख
D) महाराजाधिराज
उत्तर: राज प्रमुख
व्याख्या: 1 नवम्बर, 1956 से पहले राजस्थान राज्य के प्रमुख को ‘राज प्रमुख’ कहा जाता था। राज्य पुनर्गठन आयोग की सिफारिशों के आधार पर और 7वें संविधान संशोधन द्वारा राज प्रमुख के पद को समाप्त कर दिया गया और उसकी जगह राज्यपाल की व्यवस्था की गई।
प्रश्न 149: राजस्थान के राज्यपाल के संबंध में निम्न कथनों पर विचार कीजिये –
अ. वह राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलधिपति हैं।
ब. वह राज्य के किसी भी लाभ के पद को धारण कर सकते हैं।
स. वह इंडियन रेड क्राॅस सोसायटी, राजस्थान राज्य शाखा के अध्यक्ष हैं।
द. उन्हें संविधान के अन्तर्गत कोई स्व-विवेकीय शक्ति प्राप्त नहीं है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं –
A) अ, ब, स और द
B) ब, स और द
C) केवल स
D) ब और स
उत्तर: केवल स
व्याख्या: राजस्थान के राज्यपाल राज्य विश्वविद्यालयों के पदेन कुलपति होते हैं, जबकि केंद्रीय विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति भारत के राष्ट्रपति होते हैं। भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी, राजस्थान राज्य शाखा की 33 जिला शाखाएं हैं और राजस्थान के माननीय राज्यपाल राजस्थान राज्य शाखा के अध्यक्ष होते हैं। इसके अलावा, राज्यपाल को संविधान के अन्तर्गत कुछ स्व-विवेकीय शक्तियां प्राप्त हैं। राज्यपाल राज्य के किसी भी लाभ के पद को धारण नहीं कर सकते हैं।
प्रश्न 150: नवीन प्रोटोकाॅल के अन्तर्गत अब राजस्थान के राज्यपाल को निम्न अभिवादन से सम्बोधित किया जाता है –
Sr. Teacher GrII Comp. Exam 2016 Gk (G-A)A) “Honorable” अंग्रेजी में तथा “माननीय राज्यपाल” अथवा “राज्यपाल महोदय” हिन्दी में
B) “The most Honorable” अंग्रेजी में तथा “अति सम्माननीय” हिन्दी में
C) “His/Her Excellency” अंग्रेजी में तथा “महामहिम” हिन्दी में
D) “His/Her Royal Highness” अंग्रेजी में तथा “महाराजाधिराज/महारानीधिराज” हिन्दी में
उत्तर: “HONORABLE” अंग्रेजी में तथा “माननीय राज्यपाल” अथवा “राज्यपाल महोदय” हिन्दी में
व्याख्या: नवीन प्रोटोकॉल के अनुसार, राजस्थान के राज्यपाल को अंग्रेजी में “Honorable” और हिन्दी में “माननीय राज्यपाल” या “राज्यपाल महोदय” के रूप में संबोधित किया जाता है। पहले राज्यपालों को “महामहिम” (His/Her Excellency) कहा जाता था, लेकिन अब यह प्रोटोकॉल बदल दिया गया है।