वैदिक काल MCQ

By: LM GYAN

On: 26 December 2025

Follow Us:

🧠 क्विज़ उपयोग करने के लिए निर्देश

📚 प्रिय विद्यार्थियों, आपका स्वागत है!
इस क्विज़ में आप वैदिक काल से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों का अभ्यास कर सकते हैं। 🎯

📊 इस क्विज़ में कुल 50 प्रश्न शामिल हैं।

  • 1️⃣ हर प्रश्न के नीचे चार विकल्प (A, B, C, D) दिए गए हैं।
  • 2️⃣ जिस विकल्प को सही समझें, उस पर क्लिक करें।
  • 3️⃣ ✅ सही उत्तर हरा (Green) हो जाएगा।
  • 4️⃣ ❌ गलत उत्तर लाल (Red) रंग में दिखेगा, और सही उत्तर अपने-आप हरे रंग में दिखाई देगा।
  • 5️⃣ 📘 नीचे आपको “उत्तर” और “व्याख्या” भी दिखाई देगी — ताकि आप तुरंत सीख सकें।
  • 6️⃣ 💡 सभी प्रश्नों को ध्यान से हल करें, और अंत में अपने सही उत्तरों की गिनती करें।

✨ शुभकामनाएँ! आपके ज्ञान में रोज़ नयी चमक आए 💫
🌟 – टीम LMGYAN की ओर से हार्दिक शुभकामनाएँ! 🌟

भारत सामान्य ज्ञान प्रश्न

वैदिक काल MCQ

प्रश्न 1: वैदिक काल के संबंध में निम्न कथनों पर विचार कीजिए एवं सही विकल्प चुनिए :
A. उत्तर वैदिक काल में ऋग्वैदिक काल की कबीलाई सभाओं का महत्त्व कम हो गया और राज्य की प्रभुता का विस्तार हुआ।
B. उत्तर वैदिक काल में सभा और समिति की कार्यात्मक संरचना बदल गई एवं विदथ पूरी तरह से समाप्त हो गया।
विकल्प :

Sub Inspector (Telecom) Comp. Exam – 2024 (Paper- II) (G.K and G.S)
A) केवल कथन A सही है।
B) केवल कथन B सही है।
C) कथन A एवं B दोनों सही हैं।
D) कथन A एवं B दोनों सही नहीं हैं।
उत्तर: कथन A एवं B दोनों सही हैं।
व्याख्या: उत्तर वैदिक युग में जनजातीय संस्थाएँ कमजोर पड़ गईं तथा राजतंत्र अधिक शक्तिशाली हो गया। सभा और समिति का प्रभाव घटा, विदथ नामक सबसे पुरानी सभा लगभग गायब हो गई, जबकि परिषद जैसी नई कुलीन संस्थाएँ सामने आईं। महिलाओं की भूमिका सीमित हुई और ब्राह्मणों तथा क्षत्रियों का प्रभुत्व बढ़ा, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था से कुलीनतंत्र की ओर बदलाव को दिखाता है।

प्रश्न 2: निम्नलिखित में से कौन सा हिन्दू धर्मग्रंथों में वर्णित तीन ऋणों में सम्मिलित नहीं है –

Sub Inspector (Telecom) Comp. Exam – 2024 (Paper- II) (G.K and G.S)
A) देव ऋण
B) मातृ ऋण
C) पितृ ऋण
D) ऋषि ऋण
उत्तर: मातृ ऋण
व्याख्या: हिंदू धर्मशास्त्रों में मनुष्य के तीन प्रमुख ऋण बताए गए हैं – देव ऋण (यज्ञ से चुकता), ऋषि ऋण (अध्ययन से) और पितृ ऋण (संतान उत्पत्ति से)। कुछ स्थानों पर ब्रह्म ऋण का भी उल्लेख है, लेकिन मातृ ऋण अलग से नहीं गिना जाता, वह पितृ ऋण में ही शामिल माना जाता है।

प्रश्न 3: औषध एवं शल्यचिकित्सा पर उपलब्ध एक प्राचीन संस्कृत ग्रंथ है।

Raj Police Constable Exam 2025 (Shift-2)
A) अर्थशास्त्र
B) सुश्रुत संहिता
C) रघुवंशम्
D) अभिज्ञानशाकुंतलम्
उत्तर: सुश्रुत संहिता
व्याख्या: सुश्रुत संहिता प्राचीन भारत की शल्य चिकित्सा (सर्जरी) और आयुर्वेद का प्रमुख ग्रंथ है। सुश्रुत को प्लास्टिक सर्जरी और विभिन्न शल्य प्रक्रियाओं का जनक माना जाता है।

प्रश्न 4: “एकम सत् विप्रा: बहुधा वदन्ति” सूक्त किस वेद में सम्मिलित है –

REET-2024 PL-2 (LEVEL-2) SHIFT-3
A) ऋग्वेद
B) यजुर्वेद
C) सामवेद
D) अथर्ववेद
उत्तर: ऋग्वेद
व्याख्या: यह प्रसिद्ध सूक्त ऋग्वेद के मंडल 1, सूक्त 164, मंत्र 46 में है। इसका अर्थ है कि सत्य एक है, परंतु विद्वान लोग उसे विभिन्न नामों और रूपों से पुकारते हैं, जो धार्मिक सहिष्णुता का संदेश देता है।

प्रश्न 5: निम्नलिखित में से किस नदी के तट पर ऋग्वैदिक काल में “दाशराज्ञ युद्ध” लड़ा गया था –

REET-2024 PL-2 (LEVEL-2) SHIFT-2
A) शतुद्री
B) विपाशा
C) वितस्ता
D) परुष्णी
उत्तर: परुष्णी
व्याख्या: दाशराज्ञ युद्ध (दस राजाओं का युद्ध) ऋग्वेद में वर्णित है, जो परुष्णी नदी (आधुनिक रावी) के किनारे हुआ। इसमें राजा सुदास के नेतृत्व में भरत जनजाति ने दस राजाओं के संघ को पराजित किया।

प्रश्न 6: निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए-
a. न चुकाए गए ऋण के बदले में दासत्व की प्रथा वैदिक काल से लेकर बुद्ध के समय तक प्रचलन में नहीं थी।
b. वैदिक काल में ऊँची जातियों की स्त्रियों को पति की मृत्यु के उपरान्त न तो सम्पत्ति धारण करने का अधिकार था न ही पुनर्विवाह का अधिकार था।
उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं –

A) केवल a
B) केवल b
C) a और b दोनों
D) न तो a और न हीं b
उत्तर: न तो a और न हीं b
व्याख्या: वैदिक युग से बौद्ध काल तक ऋण न चुकाने पर दास बनने की प्रथा प्रचलित थी। वैदिक काल में महिलाओं को शिक्षा, उपनयन, विधवा विवाह, नियोग और अंतरजातीय विवाह जैसे अधिकार प्राप्त थे।

प्रश्न 7: उत्तर वैदिक काल में स्त्रियों की स्थिति के सम्बन्ध में कौन-सा कथन सही नहीं है –

A) उन्हें सम्पत्ति का अधिकार नहीं था
B) उन्होंने उपनयन संस्कार का अधिकार खो दिया था
C) उन्हें शिक्षा प्राप्ति का अधिकार नहीं था
D) उन्हें राजनीति में भाग लेने का अधिकार नहीं था
उत्तर: उन्हें शिक्षा प्राप्ति का अधिकार नहीं था
व्याख्या: उत्तर वैदिक काल में महिलाओं की स्थिति गिरावट की ओर गई, लेकिन शिक्षा पूरी तरह वर्जित नहीं थी। लोपामुद्रा, घोषा, अपाला जैसी महिला ऋषिकाएँ इस काल में भी थीं, हालांकि उपनयन और अन्य अधिकार सीमित हो गए थे।

प्रश्न 8: निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए :

a. ऋग्वेद1. ऐतरेय
b. सामवेद2. पंचविश
c. यजुर्वेद3. शतपथ
d. अथर्ववेद4. गोपथ
3rd Grade Teacher 2022 Social Studies L2
A) a-1, b-2, c-3, d-4
B) a-4, b-2, c-3, d-1
C) a-4, b-3, c-1, d-2
D) a-3, b-4, c-2, d-1
उत्तर: a-1, b-2, c-3, d-4
व्याख्या: ऐतरेय ब्राह्मण ऋग्वेद से, पंचविंश ब्राह्मण सामवेद से, शतपथ ब्राह्मण यजुर्वेद से तथा गोपथ ब्राह्मण अथर्ववेद से संबद्ध हैं। ये ब्राह्मण ग्रंथ यज्ञ और कर्मकांडों की व्याख्या करते हैं।

प्रश्न 9: निम्नलिखित में से कौन ऋग्वैदिक युग के प्रसिद्ध ‘पंचजन’ में सम्मिलित नहीं है –

School Lecturer 2022 History (Group – C)
A) तुर्वस
B) पुरु
C) भरत
D) द्रुह्य
उत्तर: भरत
व्याख्या: ऋग्वेद में पंचजन के रूप में यदु, तुर्वश, अनु, द्रुह्यु और पुरु जनजातियों का उल्लेख है। भरत जनजाति अलग थी, जो बाद में प्रमुख हुई।

प्रश्न 10: नासदीय सूक्त निम्नलिखित किस वेद से संबंधित है –

School Lecturer 2022 History (Group – C)
A) ऋग्वेद
B) सामवेद
C) यजुर्वेद
D) अथर्ववेद
उत्तर: ऋग्वेद
व्याख्या: नासदीय सूक्त (सृष्टि रहस्य सूक्त) ऋग्वेद के दसवें मंडल में है, जो सृष्टि की उत्पत्ति पर दार्शनिक प्रश्न उठाता है और वैदिक चिंतन की गहराई को दर्शाता है।

प्रश्न 11: ऋग्वैदिक काल के विषय में कौन से कथन सत्य हैं –
(I) सोम एक पौधा था ।
(II) ब्रह्मा, विष्णु व महेश प्रमुख देवता थे।
(III) सूक्त का मतलब, अच्छी तरह से बोला गया था।
(IV) उपनिषद् व आरण्यक ग्रंथ रचे गये थे।
(V) इन्द्र युद्ध का प्रमुख देवता नहीं था।

REET-2022 Level 2 (सामाजिक अध्ययन) Shift-II
A) I, III
B) II, IV
C) IV, V
D) I, V
उत्तर: I, III
व्याख्या: ऋग्वैदिक काल में सोम एक पवित्र पौधा था, जिसका रस यज्ञ में उपयोग होता था। सूक्त का अर्थ ‘सुंदर वचन’ या ‘अच्छी तरह कहा गया’ है। त्रिमूर्ति बाद के काल में प्रमुख हुई, इन्द्र युद्ध और वर्षा के प्रमुख देवता थे, तथा उपनिषद उत्तर वैदिक काल के हैं।

प्रश्न 12: निम्नलिखित नदियों में से किसे प्राचीन साहित्य में ‘पुरुषणी’ कहा गया था –

Lab Assistant Exam 2022 (Science) 28 June 2022 Paper-1
A) रावी
B) सतलुज
C) चेनाब
D) ब्यास
उत्तर: रावी
व्याख्या: वैदिक साहित्य में रावी नदी को पुरुष्णी, चेनाब को अस्किनी, झेलम को वितस्ता और ब्यास को विपाशा कहा गया है। ये नाम सप्त सिंधु क्षेत्र की नदियों के प्राचीन संदर्भ हैं।

प्रश्न 13: निम्नलिखित में से किसमें न केवल स्तोत्र हैं बल्कि तत्कालीन सामाजिक और राजनीतिक वातावरण को दर्शाते हुए उनके पाठ के साथ अनुष्ठान भी हैं –

Police Constable Exam (02 July 2022) (Re Exam)
A) सामवेद
B) अथर्ववेद
C) ऋग्वेद
D) यजुर्वेद
उत्तर: यजुर्वेद
व्याख्या: यजुर्वेद मुख्यतः गद्य मंत्रों का संग्रह है, जो यज्ञ अनुष्ठानों, कर्मकांडों और सामाजिक-राजनीतिक व्यवस्था से जुड़े हैं। यह यज्ञ प्रक्रियाओं का विस्तृत वर्णन करता है।

प्रश्न 14: गंधर्व वेद कहलाने वाला संगीत विज्ञान का एक उपवेद है।

Police Constable Exam (14 May 2022 Shift-1)
A) सामवेद
B) यजुर्वेद
C) ऋग्वेद
D) अथर्ववेद
उत्तर: सामवेद
व्याख्या: सामवेद को संगीत का आधार माना जाता है और गंधर्व वेद (संगीत शास्त्र) इसका उपवेद है। सामवेद के मंत्रों को गाकर यज्ञ किए जाते थे।

प्रश्न 15: निम्न को सुमेलित कीजिए –

कॉलम -Iकॉलम – II
(I) होता(A) यज्ञ सम्पन्न करने वाला प्रमुख पुरोहित
(II) उद्गाता(B) ऋग्वेद की ऋचाओं का पाठ करने वाला
(III) अध्वर्यु(C) सामवेद के छंदों का गायन करने वाला
(IV) पुरोहित(D) यजुर्वेद के मंत्रों का पठन करने वाला
RSMSSB VDO Mains 2022
A) I-(A), II-(C), III-(D), IV-(B)
B) I-(B), II-(C), III-(D), IV-(A)
C) I-(B), II-(A), III-(D), IV-(C)
D) I-(B), II-(D), III-(C), IV-(A)
उत्तर: I-(B), II-(C), III-(D), IV-(A)
व्याख्या: होता – ऋग्वेद की ऋचाएँ पढ़ता था; उद्गाता – सामवेद गाता था; अध्वर्यु – यजुर्वेद मंत्र पढ़ता और यज्ञ कार्य करता था; ब्रह्मा या पुरोहित – समग्र यज्ञ की देखभाल करता था।

प्रश्न 16: वैदिक कालके बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार किजिए:
1. गृहस्थ आश्रम अन्य सभी आश्रमों का पोषक था
2. ग्राम के अधिकारी को ‘ग्रामणी’ कहा जाता था
3. व्यापारी वर्ग को ‘विश’ कहा जाता था
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं –

A) केवल 1
B) 1, 2
C) 1, 3
D) 1, 2, 3
उत्तर: 1, 2
व्याख्या: गृहस्थ आश्रम को वैदिक समाज का आधार माना जाता था क्योंकि यह अन्य आश्रमों को सहारा देता था। ग्राम का प्रमुख ग्रामणी कहलाता था। विश सामान्य जन या वैश्य वर्ण था, जबकि व्यापारियों को पणि कहा जाता था।

प्रश्न 17: मत्स्य महाजनपद की राजधानी कौन सी थी –

A) विराटनगरी
B) शक्तिमती
C) पाटन
D) उज्जयिनी
उत्तर: विराटनगरी
व्याख्या: मत्स्य महाजनपद की राजधानी विराटनगर (वर्तमान बैराठ, राजस्थान) थी। यह उत्तर वैदिक और महाजनपद काल का प्रमुख राज्य था।

प्रश्न 18: महाभारत के अनुसार, किस महाजनपद में पांडवों ने अज्ञातवास के समय जीवनयापन किया था –

Raj Police Constable Exam (8 Nov 2020 S-1)
A) कुरु
B) कौशल
C) मल्ल
D) मत्स्य
उत्तर: मत्स्य
व्याख्या: महाभारत में वर्णित है कि पांडवों ने अज्ञातवास मत्स्य नरेश विराट के दरबार में विभिन्न वेशों में बिताया।

प्रश्न 19: निम्न को सुमेलित करें :

a. न्याय1. कणाद
b. वैशेषिक2. शंकराचार्य
c. योग3. गौतम
d. वेदांत4. पतंजलि

दिए गए कूटों के आधार पर सही उत्तर चुनें।
कूट : a b c d

Rajasthan Patwar 2021 (24 Oct 2021 ) 1st shift
A) 3 4 1 2
B) 3 1 4 2
C) 2 3 4 1
D) 4 1 2 3
उत्तर: 3 1 4 2
व्याख्या: न्याय दर्शन के प्रवर्तक गौतम, वैशेषिक के कणाद, योग के पतंजलि तथा अद्वैत वेदांत के आदि शंकराचार्य थे। ये भारतीय दर्शन की प्रमुख शाखाएँ हैं।

प्रश्न 20: निम्न में से कौनसा सुमेलित नहीं है –

RSMSSB VDO Mains 2022
A) ब्रह्मा विवाह – पिता द्वारा सुयोग्य वर से शादी
B) गंधर्व विवाह – प्रेम विवाह
C) आर्ष विवाह – यज्ञ करने वाले पुरोहित से शादी
D) प्रजापती विवाह – वर का द्वार स्वागत कर शादी
उत्तर: आर्ष विवाह – यज्ञ करने वाले पुरोहित से शादी
व्याख्या: आर्ष विवाह में कन्या के पिता ऋषि को एक या दो गाय देकर कन्या दान करते थे। यह पुरोहित से विवाह नहीं, बल्कि गाय के बदले विवाह था। अन्य सभी सुमेलन सही हैं।

प्रश्न 21: उत्तर वैदिक काल में आर्य संस्कृति का केन्द्रीय स्थल था –

Reet 2015 level-2 SST
A) सप्त सैन्धव प्रदेश
B) गंगा-यमुना दोआब
C) मगध
D) दक्कन
उत्तर: गंगा-यमुना दोआब
उत्तर वैदिक युग में आर्य संस्कृति का केंद्र सप्त सैंधव क्षेत्र से स्थानांतरित होकर गंगा-यमुना के उपजाऊ दोआब क्षेत्र में स्थापित हो गया। यहां कृषि विकास और जनपदों का उदय हुआ।

प्रश्न 22: आरम्भिक वैदिक साहित्य में सर्वाधिक वर्णित नदी है –

A) सिंधु
B) गंगा
C) शतुद्री
D) सरस्वती
उत्तर: सिंधु
ऋग्वेद में सिंधु नदी का सबसे अधिक उल्लेख है, जो आर्यों के प्रारंभिक निवास क्षेत्र की प्रमुख नदी थी। यह उनकी संस्कृति और जीवन का केंद्र बिंदु थी।

प्रश्न 23: पूर्व वैदिक काल में राजा पर नियंत्रण होता था –

A) सभा और समिति का
B) पुरोहित और सेनानी का
C) गण और विदथ का
D) परिषद और समिति का
उत्तर: सभा और समिति का
प्रारंभिक वैदिक काल में राजतंत्र सीमित था और सभा तथा समिति जैसी जनसभाएं राजा के कार्यों पर अंकुश रखती थीं, जो लोकतांत्रिक तत्वों को दर्शाती हैं।

प्रश्न 24: “सर्वं खल्विदं ब्रह्मम्” उद्धृत है –

RPSC ACF FRO 2021
A) बृहदारण्यक उपनिषद् में
B) कठोपनिषद् में
C) माण्डुक्य उपनिषद् में
D) छान्दोग्य उपनिषद् में
उत्तर: छान्दोग्य उपनिषद् में
यह प्रसिद्ध अद्वैत वाक्य छांदोग्य उपनिषद से लिया गया है, जो ब्रह्म की सर्वव्यापकता और एकत्व की अवधारणा को व्यक्त करता है।

प्रश्न 25: रावी नदी का प्राचीन नाम था –

Reet 2017 level-2 SST
A) सुवास्तु
B) कुभा
C) परूष्णी
D) द्वषद्वती
उत्तर: परूष्णी
वैदिक साहित्य में रावी नदी को परुष्णी नाम से जाना जाता था। यह सप्त सैंधव क्षेत्र की महत्वपूर्ण नदियों में से एक थी।

प्रश्न 26: ऋग्वेद में सम्पत्ति का मुख्य रूप क्या था –

A) स्वर्ण
B) गोधन
C) मकान
D) भूमि
उत्तर: गोधन
ऋग्वैदिक समाज में पशुधन, विशेषकर गायें, धन-संपत्ति का प्रमुख मानक थे। युद्धों में भी गायें मुख्य लक्ष्य होती थीं।

प्रश्न 27: अनुलोम एवं प्रतिलोम किससे सम्बन्धित थे –

A) जन्म
B) यौवन
C) विवाह
D) मृत्यु
उत्तर: विवाह
उत्तर वैदिक काल में वर्ण व्यवस्था सख्त हुई और अनुलोम (उच्च वर्ण पुरुष-निम्न स्त्री) तथा प्रतिलोम (विपरीत) विवाहों की अवधारणा विकसित हुई।

प्रश्न 28: प्रसिद्ध गायत्री मंत्र किस धर्मग्रन्थ में है –

A) ऋग्वेद
B) यजुर्वेद
C) सामवेद
D) अथर्ववेद
उत्तर: ऋग्वेद
गायत्री मंत्र ऋग्वेद के तृतीय मंडल में विश्वामित्र द्वारा रचित है। यह सविता देवता को समर्पित सबसे पवित्र मंत्रों में से एक है।

प्रश्न 29: वैदिक समाज में किसका अस्तित्व था –

A) पैतृक परिवार
B) प्रकृति पूजा
C) वर्ण प्रथा
D) ये सभी
उत्तर: ये सभी
वैदिक समाज पैतृक संयुक्त परिवार आधारित था, प्रकृति देवताओं की पूजा करता था और वर्ण व्यवस्था (ब्राह्मण, क्षत्रिय आदि) का प्रारंभिक रूप मौजूद था।

प्रश्न 30: पतंजलि का सम्बन्ध किस रचना से है –

A) चरक संहिता
B) दिव्यावदान
C) अष्टाध्यायी
D) महाभाष्य
उत्तर: महाभाष्य
महर्षि पतंजलि ने पाणिनि की अष्टाध्यायी पर महाभाष्य नामक व्याख्या ग्रंथ लिखा, जो संस्कृत व्याकरण का प्रमुख कार्य है।

प्रश्न 31: पाणिनि कौन थे –

A) इतिहासकार
B) व्याकरण विद्वान
C) चिकित्सक
D) जैन विद्वान
उत्तर: व्याकरण विद्वान
पाणिनि प्राचीन भारत के महान व्याकरणाचार्य थे, जिन्होंने अष्टाध्यायी नामक ग्रंथ रचकर संस्कृत भाषा के नियमों को व्यवस्थित किया।

प्रश्न 32: पूर्व वैदिक काल में राजा पर नियंत्रण होता था –

A) सभा और समिति का
B) पुरोहित और सेनानी का
C) गण और विदथ का
D) परिषद और समिति का
उत्तर: सभा और समिति का
ऋग्वैदिक युग में सभा और समिति जन प्रतिनिधि संस्थाएं थीं, जो राजा के निर्णयों को नियंत्रित और अनुमोदित करती थीं।

प्रश्न 33: आर्य-अनार्य युद्ध का वर्णन मिलता है –

A) वेद में
B) उपनिषद में
C) स्मृति में
D) बौद्ध ग्रंथें में
उत्तर: वेद में
ऋग्वेद में दास या दस्यु (अनार्य) के विरुद्ध आर्यों के युद्धों का वर्णन है, जैसे इंद्र द्वारा दासों का संहार।

प्रश्न 34: ऋग्वैदिक आर्य किसकी पूजा करते थे –

A) प्रकृति की उपासना
B) गाय की पूजा
C) यज्ञ पूजा
D) वृक्ष पूजा
उत्तर: प्रकृति की उपासना
प्रारंभिक वैदिक धर्म प्रकृति देवताओं (इंद्र, अग्नि, वरुण आदि) की पूजा पर आधारित था, जो प्राकृतिक शक्तियों का प्रतीक थे।

प्रश्न 35: वेद शब्द का अर्थ है –

A) ज्ञान
B) धर्म संहिता
C) आचार संहिता
D) ज्ञान का रहस्य
उत्तर: ज्ञान
वेद का शाब्दिक अर्थ ‘ज्ञान’ है। ये अपौरुषेय माने जाते हैं और मानव जीवन के विभिन्न पहलुओं का ज्ञान प्रदान करते हैं।

प्रश्न 36: ‘आयुर्वेद’ अर्थात् ‘जीवन का विज्ञान’ का उल्लेख सर्वप्रथम मिलता है –

A) आरण्यक में
B) सामवेद में
C) यजुर्वेद में
D) अथर्ववेद में
उत्तर: अथर्ववेद में
अथर्ववेद में चिकित्सा, जादू-टोना और दैनिक जीवन से जुड़े मंत्र हैं, जहां आयुर्वेद का प्रारंभिक रूप देखने को मिलता है।

प्रश्न 37: प्राचीन काल में चिकित्सा शाखा से संबंधित अष्टांगहृदय की रचना निम्नलिखित में से किस विद्धान ने की हैं –

A) वाग्यभट्ट
B) चरक
C) वराहमिहिर
D) पंडित सुश्रुत
उत्तर: वाग्यभट्ट
वाग्भट्ट ने अष्टांगहृदय और अष्टांगसंग्रह नामक आयुर्वेद के प्रमुख ग्रंथों की रचना की, जो चिकित्सा के आठ अंगों का वर्णन करते हैं।

प्रश्न 38: वैदिक काल में प्रचलित 16 संस्कारों में से कितने संस्कार शिक्षा से संबंधित थे –

A) 4
B) 1
C) 3
D) 2
उत्तर: 4
वैदिक 16 संस्कारों में विद्यारंभ, उपनयन, वेदारंभ और समावर्तन ये चार शिक्षा से सीधे जुड़े हैं, जो ज्ञान प्राप्ति की प्रक्रिया को रीति-रिवाजों से जोड़ते हैं।

प्रश्न 39: वैदिक काल में लोगो ने धातुओं का प्रयोग किया, उसमें से कौनसा पहला धातु था –

A) सोना
B) लोहा
C) चांदी
D) तांबा
उत्तर: तांबा
वैदिक काल में सबसे पहले तांबे का उपयोग हुआ। लोहा उत्तर वैदिक काल में आया, जबकि सोना-चांदी भी बाद में प्रमुख हुए।

प्रश्न 40: ऋग्वैदिक आर्यों का मुख्य व्यवसाय क्या था –

A) पशुपालन
B) शिक्षा
C) व्यवसाय
D) कृषि
उत्तर: पशुपालन
प्रारंभिक ऋग्वैदिक समाज मुख्यतः पशुपालक था। गाय उनकी अर्थव्यवस्था और संस्कृति का केंद्र थी, कृषि बाद में प्रमुख हुई।

प्रश्न 41: ‘तमसो मा ज्योतिरगामाया’(हमें अंधेरे से प्रकाश तक ले जाएं), यह निम्न उपनिषदों में किस से लिया गया है –

A) चंडोज्ञ
B) बृहदारण्यक
C) माण्डूक्य
D) मृकदका
उत्तर: बृहदारण्यक
व्याख्या: यह प्रसिद्ध मंत्र बृहदारण्यक उपनिषद (1.3.28) से लिया गया है। यह अज्ञान के अंधकार से ज्ञान के प्रकाश की ओर जाने की प्रार्थना है और शिक्षा एवं दीक्षा के समय बोला जाता है।

प्रश्न 42: ऋग्वेद में ‘अघन्य’ शब्द का प्रयोग किस पशु के लिए किया गया है –

A) गाय
B) बकरी
C) घोडा
D) हाथी
उत्तर: गाय
व्याख्या: ऋग्वेद में गाय को ‘अघन्या’ कहा गया है, जिसका अर्थ है ‘जिसे मारना नहीं चाहिए’। गाय वैदिक समाज में पवित्र और उपयोगी पशु थी, जो दूध, खेती और यज्ञ के लिए आवश्यक थी।

प्रश्न 43: वैदिक युग में ‘यव’ कहा जाता था –

A) गेहूँ
B) चावल
C) मक्का
D) जौ
उत्तर: जौ
व्याख्या: वैदिक काल में मुख्य अनाज जौ (यव) था, जो भोजन और यज्ञों में प्रयुक्त होता था। गेहूं और चावल बाद में प्रमुख हुए।

प्रश्न 44: आरम्भिक वैदिक कला में वर्ण-व्यवस्था आधारित थी –

A) प्रतिभा पर
B) शिक्षा पर
C) व्यवसाय पर
D) जन्म पर
उत्तर: व्यवसाय पर
व्याख्या: प्रारंभिक वैदिक काल (ऋग्वैदिक) में वर्ण व्यवस्था लचीली थी और मुख्यतः कार्य-विभाजन (व्यवसाय) पर आधारित थी, न कि जन्म पर। उत्तर वैदिक काल में यह जन्म-आधारित कठोर हो गई।

प्रश्न 45: आर्य सभ्यता में मनुष्य के जीवन के आयु के अवरोही क्रमानुसार कौन-सा सही है –

A) वानप्रस्थ-संन्यास-ब्रह्मचर्य-गृहस्थ
B) ब्रह्मचर्य-वानप्रस्थ-संन्यास-गृहस्थ
C) ब्रह्मचर्य-गृहस्थ-वानप्रस्थ-संन्यास
D) गृहस्थ-ब्रह्मचर्य-वानप्रस्थ-संन्यास
उत्तर: ब्रह्मचर्य-गृहस्थ-वानप्रस्थ-संन्यास
व्याख्या: वैदिक आश्रम व्यवस्था में जीवन के चार चरण हैं: ब्रह्मचर्य (विद्या अध्ययन), गृहस्थ (पारिवारिक जीवन), वानप्रस्थ (संन्यास की तैयारी) और संन्यास (त्याग)। यह क्रम आयु के अनुसार बढ़ता है।

प्रश्न 46: वेदांगों की संख्या कितनी है –

A) 4
B) 6
C) 10
D) 16
उत्तर: 6
व्याख्या: वेदों के अध्ययन में सहायक छह वेदांग हैं – शिक्षा, कल्प, व्याकरण, निरुक्त, छंद और ज्योतिष। ये वेदों की सही समझ और अनुष्ठान के लिए आवश्यक हैं।

प्रश्न 47: “सत्यमेव जयते” कहाँ से लिया गया है –

A) ऋग्वेद
B) शतपथ ब्राह्मण
C) मुण्डकोपनिषद
D) यजुर्वेद
उत्तर: मुण्डकोपनिषद
व्याख्या: “सत्यमेव जयते” मुंडक उपनिषद (3.1.6) से है। यह भारत का राष्ट्रीय आदर्श वाक्य है, जो सत्य की विजय को दर्शाता है।

प्रश्न 48: सबसे नया वेद कौन-सा है –

A) ऋग्वेद
B) अथर्ववेद
C) यजुर्वेद
D) सामवेद
उत्तर: अथर्ववेद
व्याख्या: चार वेदों में ऋग्वेद सबसे प्राचीन है, जबकि अथर्ववेद सबसे नवीन है। इसमें जादू-टोना, औषधि और दैनिक जीवन से जुड़े मंत्र अधिक हैं।

प्रश्न 49: वैदिक काल में राजा जनता से जो कर वसूल करता था उसे क्या कहते थे –

A) जर्जिया
B) लगान
C) बलि
D) कर
उत्तर: बलि
व्याख्या: वैदिक युग में राजा को जनता से स्वैच्छिक भेंट या उपहार के रूप में ‘बलि’ मिलती थी। यह अनिवार्य कर नहीं, बल्कि सुरक्षा और शासन के बदले दान थी।

प्रश्न 50: ऋग्वेद में कुल ऋचाओं मंत्रो/ऋचाएँ की संख्या है –

A) 9662
B) 10462
C) 8762
D) 462
उत्तर: 10462
व्याख्या: ऋग्वेद में 10 मंडल, 1028 सूक्त और कुल लगभग 10,462 ऋचाएँ हैं। यह सबसे प्राचीन और व्यापक वेद है, जिसमें देवताओं की स्तुतियाँ हैं।

LM GYAN भारत का प्रमुख शैक्षिक पोर्टल है जो छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री प्रदान करता है। हमारा उद्देश्य सभी को निःशुल्क और सुलभ शिक्षा प्रदान करना है। हमारे पोर्टल पर आपको सामान्य ज्ञान, विज्ञान, इतिहास, भूगोल, करंट अफेयर्स और अन्य विषयों से संबंधित विस्तृत जानकारी मिलेगी।

राजस्थान करंट अफेयर्स

Read Now

राष्ट्रीय एवं अन्तराष्ट्रीय करंट अफेयर्स

Read Now

Leave a comment