जनहित याचिका MCQ

By: LM GYAN

On: 3 January 2026

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जनहित याचिका MCQ

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इस क्विज़ में आप जनहित याचिका से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों का अभ्यास कर सकते हैं। 🎯

📊 इस क्विज़ में कुल 40 प्रश्न शामिल हैं।

  • 1️⃣ हर प्रश्न के नीचे चार विकल्प (A, B, C, D) दिए गए हैं।
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जनहित याचिका MCQ

प्रश्न 1: निम्नलिखित में से किस मामले में उच्चतम न्यायालय ने कहा कि संसद को संविधान के किसी भी भाग में संशोधन करने का अधिकार है, जिसमें कोई भी मौलिक अधिकार शामिल है और यदि संविधान निर्माता मौलिक अधिकार को संशोधन शक्ति के दायरे से बाहर रखना चाहते थे, तो उन्होंने इस संबंध में स्पष्ट प्रावधान किया होता –

Sr. Teacher (Sec. Edu.) Comp. Exam-2024 (G.K. Group – A)
A) ए.के. गोपालन बनाम मद्रास राज्य (1950)
B) श्री शंकरी प्रसाद सिंह देव बनाम भारत संघ और बिहार राज्य (1951)
C) पश्चिम बंगाल राज्य बनाम भारत संघ (1963)
D) सज्जन सिंह बनाम राजस्थान राज्य (1965)
उत्तर: सज्जन सिंह बनाम राजस्थान राज्य (1965)
व्याख्या: सज्जन सिंह मामले में सुप्रीम कोर्ट ने संसद की संविधान संशोधन शक्ति को असीमित माना तथा मौलिक अधिकारों में संशोधन को वैध ठहराया। बाद में केशवानंद भारती मामले में इसे सीमित किया गया।

प्रश्न 2: निम्नलिखित में से भारतीय संविधान की आधारभूत संरचना सिद्धान्त के बारे में कौन सा कथन सही नहीं है –

Sub Inspector (Telecom) Comp. Exam – 2024 (Paper- II) (G.K and G.S)
A) केशवानन्द भारती बनाम केरल राज्य वाद से संविधान की आधारभूत संरचना का सिद्धांत उत्पन्न हुआ।
B) आधारभूत संरचना का सिद्धान्त भारतीय संविधान के सम्मुख संसद की सर्वोच्चता को सीमित नहीं करता है।
C) आधारभूत संरचना सिद्धान्त का विकास न्यायिक सक्रियता का शास्त्रीय उदाहरण है।
D) एस.आर. बोम्मई बनाम भारत संघ वाद का फैसला भारतीय संविधान के आधारभूत संरचना के लक्षणों को उल्लिखित करता है।
उत्तर: आधारभूत संरचना का सिद्धान्त भारतीय संविधान के सम्मुख संसद की सर्वोच्चता को सीमित नहीं करता है।
व्याख्या: आधारभूत संरचना सिद्धांत संसद की संशोधन शक्ति को सीमित करता है। यह केशवानंद भारती (1973) से उत्पन्न हुआ तथा बोम्मई मामले में संघवाद को मूल संरचना का हिस्सा माना गया।

प्रश्न 3: भारतीय संविधान का कौन-सा अनुच्छेद संवैधानिक उपचारों के अधिकार की गारंटी देता है –

RSSB Fourth Class Exam 2024 (21 Sep. 2025 1st Shift)
A) अनुच्छेद – 14
B) अनुच्छेद – 32
C) अनुच्छेद – 19
D) अनुच्छेद- 51 A
उत्तर: अनुच्छेद – 32
व्याख्या: अनुच्छेद 32 मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन के लिए संवैधानिक उपचारों (रिट) का अधिकार देता है। डॉ. अम्बेडकर ने इसे संविधान का ‘हृदय एवं आत्मा’ कहा।

प्रश्न 4: किस प्रसिद्ध मामले ने भारतीय संविधान के “मूल संरचना सिद्धांत” की स्थापना की –

Rajasthan Patwar Exam 2025 1st Shift
A) इंद्रा साहनी बनाम भारत संघ (1992)
B) मेनका गांधी बनाम भारत संघ (1978)
C) केशवानंद भारती श्री पदगलवरु बनाम केरल राज्य (1973)
D) विशाखा बनाम राजस्थान राज्य (1997)
उत्तर: केशवानंद भारती श्री पदगलवरु बनाम केरल राज्य (1973)
व्याख्या: केशवानंद भारती मामले में 13 न्यायाधीशों की पीठ ने मूल संरचना सिद्धांत प्रतिपादित किया, जो संसद की संशोधन शक्ति को मूल विशेषताओं से परे सीमित करता है।

प्रश्न 5: मुल अधिकारों का गहन उद्धम स्वतंत्रता संघर्ष है- कथन न्यायधीश पी. एन. मगवती ने किस वाद में कहा।

A) मिनर्वा मिल्स वाद
B) सुनील बत्रा वाद
C) मेनका गांधी वाद
D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: मेनका गांधी वाद
व्याख्या: न्यायमूर्ति पी.एन. भगवती ने मेनका गांधी मामले (1978) में अनुच्छेद 21 की व्याख्या करते हुए मौलिक अधिकारों को स्वतंत्रता संग्राम की देन बताया तथा प्रक्रिया की न्यायोचितता पर जोर दिया।

प्रश्न 6: सूची-A का सूची-B से मिलान कीजिये और नीचे दिये गये कूट में से सही उत्तर का चयन कीजिये :

सूची-A (वाद)सूची-B (संशोधन को चुनौती)
A. इंदिरा गांधी बनाम राज नारायणi. 42वाँ संशोधन
B. मिनर्वा मिल बनाम भारत संघii. 52वाँ संशोधन
C. क़िहोतो हॉलोहान बनाम जशीलूiii. 39वाँ संशोधन
D. पी. संबामूर्थि बनाम आंध्रप्रदेश राज्यiv. 32वाँ संशोधन
Raj. State and Sub. Services Comb. Comp. (Pre) Exam – 2024
A) i iii iv ii
B) ii iii i iv
C) iv ii iii i
D) iii i ii iv
उत्तर: iii i ii iv
व्याख्या: इंदिरा गांधी मामला – 39वां संशोधन; मिनर्वा मिल्स – 42वां; किहोटो होलोहन – 52वां (दल-बदल); संबामूर्ति – 32वां संशोधन। ये मूल संरचना से जुड़े प्रमुख मामले हैं।

प्रश्न 7: सर्वोच्च न्यायालय ने निम्न में से किस निर्णय में कहा है कि प्रस्तावना संविधान का भाग नहीं है –

SCHOOL LECTURER (SANSKRIT EDU. DEPTT.) COMP. EXAM-2024
A) सज्जन सिंह बनाम राजस्थान राज्य
B) गोलकनाथ बनाम राजस्थान राज्य
C) भारती चन्द्र भवन बनाम मैसूर राज्य
D) बेरुबारी मामला
उत्तर: बेरुबारी मामला
व्याख्या: बेरुबारी यूनियन मामले (1960) में सुप्रीम कोर्ट ने प्रस्तावना को संविधान का भाग नहीं माना। बाद में केशवानंद भारती में इसे भाग माना गया।

प्रश्न 8: सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2024 में 1967 के किस ऐतिहासिक फैसले को खारिज कर दिया –

A) एस. अजीज बाशा बनाम भारत सरकार
B) केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य
C) गोलकनाथ बनाम पंजाब राज्य
D) मिनर्वा मिल्स बनाम भारत संघ
उत्तर: एस. अजीज बाशा बनाम भारत सरकार
व्याख्या: नवंबर 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने अजीज बाशा (1967) मामले को पलट दिया, जो AMU को अल्पसंख्यक दर्जा देने में बाधा था। अब वैधानिक संस्थाएं भी अल्पसंख्यक दर्जा प्राप्त कर सकती हैं।

प्रश्न 9: सुप्रीम कोर्ट ने 18 जुलाई, 2022 को अपनी रजिस्ट्री को वैवाहिक मुकदमेबाजी में फंसे व्यक्तियों के व्यक्तिगत विवरण को हटाने के लिए एक तंत्र बनाने का आदेश दिया। यह निर्णय किस अधिकार को ‘निजता के अधिकार’ के भाग के रूप में मान्यता देने के लिए लिया गया था –

Rajasthan Police Constable Exam 2024 ( SHIFT – L2)
A) शक्ति विभाजन का अधिकार
B) जीने का अधिकार
C) भूल जाने का अधिकार
D) धर्म का अभ्यास करने का अधिकार
उत्तर: भूल जाने का अधिकार
व्याख्या: यह निर्णय ‘Right to be Forgotten’ को निजता के अधिकार (अनुच्छेद 21) का हिस्सा मानता है, जो डिजिटल युग में व्यक्तिगत जानकारी हटाने का अधिकार देता है।

प्रश्न 10: उच्च न्यायालय ने किस अनुच्छेद के तहत रिट (याचिका) जारी कर सकते हैं –

Rajasthan Police Constable Exam 2024 ( SHIFT – L1)
A) 220
B) 221
C) 213
D) 226
उत्तर: 226
व्याख्या: अनुच्छेद 226 उच्च न्यायालयों को मौलिक अधिकारों तथा अन्य कानूनी अधिकारों के प्रवर्तन के लिए रिट जारी करने की व्यापक शक्ति देता है।

प्रश्न 11: निंम्नंलिखिंत में से कौन सा मामला न्यायालय कार्यवाही के साधे प्रसारण से संबंधित है –

Junior Legal Officer – 2023 (Paper-1) (Constitution of India)
A) के. ए. अब्बास बनाम भारत संघ
B) मनोहर लाल शर्मा बनाम संजय लीला भंसाली
C) स्वप्निल त्रिपाठी बनाम भारतीय उच्चतम न्यायालय
D) अबु मुजाहिद बनाम महाराष्ट्र राज्य
उत्तर: स्वप्निल त्रिपाठी बनाम भारतीय उच्चतम न्यायालय
व्याख्या: स्वप्निल त्रिपाठी मामले (2018) में सुप्रीम कोर्ट ने लाइव स्ट्रीमिंग की अनुमति दी, जो खुले न्याय का सिद्धांत लागू करता है।

प्रश्न 12: मूल अधिकारों से सम्बन्धित निम्नांकित निर्णयों का सही कालानुक्रम चुनिए –
अ गोलकनाथ बनाम पंजाब राज्य
ब केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य
स मिनर्वा मिल्स बनाम भारत संघ
द ए. के. गोपालन बनाम मद्रास राज्य

A) द, ब, स, अ
B) अ, ब, स, द
C) द, अ, ब, स
D) द, स, ब, अ
उत्तर: द, अ, ब, स
व्याख्या: क्रम: ए.के. गोपालन (1950) → गोलकनाथ (1967) → केशवानंद भारती (1973) → मिनर्वा मिल्स (1980)। ये मौलिक अधिकारों की व्याख्या के प्रमुख पड़ाव हैं।

प्रश्न 13: अनुच्छेद 19(1)(G) व अनुच्छेद 21 के अधीन कार्य स्थल पर कार्यरत (कामकाजी) महिला के यौन उत्पीड़न को मूल अधिकार का अतिक्रमण किस मामले में माना गया –

Junior Legal Officer – 2023 (Paper-1) (Constitution of India)
A) मेनका गाँधी बनाम भारत संघ
B) नरगेश मिर्ज़ा वाद
C) विशाका बनाम राजस्थान राज़्य
D) सरला मुद्गल बनाम भारत संघ (यूनियन ऑफ इण्डियां)
उत्तर: विशाका बनाम राजस्थान राज़्य
व्याख्या: विशाखा मामले (1997) में सुप्रीम कोर्ट ने कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न को मौलिक अधिकारों का उल्लंघन माना तथा दिशानिर्देश जारी किए, जो बाद में POSH कानून का आधार बने।

प्रश्न 14: भारत के संविधान के अनुच्छेद 21- में “चिकित्सक की सहायता” का अधिकार सम्मिलित है। निम्नलिखित में से किस वाद में ऐसा निर्णय हुआ था –

Junior Legal Officer – 2023 (Paper-1) (Constitution of India)
A) परमानन्द कटारा बनाम भारत संघ
B) सुनिल बत्रा बनाम दिल्ली प्रशासन
C) हॉस्कोट बनाम महाराष्ट्र राज्य
D) चार्ल्स शोभराज बनाम सुपरिटेंडेंट ऑफ सेन्ट्रल जेल
उत्तर: परमानन्द कटारा बनाम भारत संघ
व्याख्या: परमानंद कटारा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आपात चिकित्सा सहायता को अनुच्छेद 21 का हिस्सा माना, जिससे डॉक्टरों को दुर्घटना पीड़ितों का इलाज अनिवार्य हुआ।

प्रश्न 15: निम्नलिखित में से कौन सा मामला अनुच्छेद 21 के उल्लंघन पर मुआवजे के भुगतान से संबंधित है –

Junior Legal Officer – 2023 (Paper-1) (Constitution of India)
A) ना तो रूदल शाह बनाम बिहार राज्य और ना भीमसिंह बनाम जम्मू-कश्मीर राज्य
B) दोनों रूदल शाह बनाम बिहार राज्य और भीमसिंह बनाम जम्मू-कश्मीर राज्य
C) भीमसिंह बनाम जम्मू-कश्मीर राज्य
D) रूदल शाह बनाम बिहार राज्य
उत्तर: दोनों रूदल शाह बनाम बिहार राज्य और भीमसिंह बनाम जम्मू-कश्मीर राज्य
व्याख्या: रूदल शाह (1983) तथा भीम सिंह (1985) मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 21 के उल्लंघन पर मुआवजा प्रदान किया, जो सार्वजनिक कानून उपचार की शुरुआत थी।

प्रश्न 16: निंम्नलिखिंत में से कौन सा मामला ‘तीसरे लिंग समुदाय’ के अधिकारों से संबंधित है –

Junior Legal Officer – 2023 (Paper-1) (Constitution of India)
A) तहसीन पूनावाला बनाम भारत संघ
B) राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण बनाम भारत संघ (2014)
C) लिली थॉमस बनाम भारत संघ (2013)
D) रामबिलास सिंह बनाम बिहार राज्य (1989)
उत्तर: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण बनाम भारत संघ (2014)
व्याख्या: NALSA मामले (2014) में सुप्रीम कोर्ट ने ट्रांसजेंडर को तीसरा लिंग मान्यता दी तथा समान अधिकार प्रदान किए।

प्रश्न 17: निम्नलिखित में से किस मामले में उच्चतम न्यायालय ने ‘सेक्स वर्क को एक पेशे के रूप में मान्यता दी’ और यौनकर्मियों के संबंध में पुनर्वास उपाय के लिए निर्देश जारी किए –

Junior Legal Officer – 2023 (Paper-1) (Constitution of India)
A) तमिलनाडु राज्य बनाम अबु कवर बाई
B) किशोर मधुकर पिंगलीकर बनाम भारतीय ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन
C) भारत संघ बनाम अल्पन बंद्योपाध्याय
D) बुद्धदेव कर्मकार बनाम पश्चिम बंगाल राज्य
उत्तर: बुद्धदेव कर्मकार बनाम पश्चिम बंगाल राज्य
व्याख्या: बुद्धदेव कर्मकार मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सेक्स वर्क को पेशा माना तथा यौनकर्मियों के गरिमापूर्ण जीवन एवं पुनर्वास के निर्देश दिए।

प्रश्न 18: मूल अधिकारों में संशोधन के मुद्दे पर भारत के उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्णय लिया गया पहला प्रसिद्ध मामला कौन सा था –

Junior Legal Officer – 2023 (Paper-1) (Constitution of India)
A) गोलकनाथ बनाम पंजाब राज्य
B) केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य
C) सज्जन सिंह बनाम राजस्थान राज्य
D) शंकरी प्रसाद बनाम भारत संघ
उत्तर: शंकरी प्रसाद बनाम भारत संघ
व्याख्या: शंकरी प्रसाद मामले (1951) में सुप्रीम कोर्ट ने संसद की मौलिक अधिकारों में संशोधन करने की शक्ति को मान्यता दी।

प्रश्न 19: ‘जीने के अधिकार’ में ‘मृत्यु का अधिकार’ समाविष्ट है। यह निम्नलिखित वाद में तय किया गया है :

Junior Legal Officer – 2023 (Paper-1) (Constitution of India)
A) ज्ञान कौर बनाम पंजाब राज्य
B) ए.के. गोपालन बनाम मंद्रास राज्य
C) बन्धुआ मुक्ति मोर्चा बनाम भारत संघ
D) पी. रथिनाम बनाम भारत संघ
उत्तर: पी. रथिनाम बनाम भारत संघ
व्याख्या: पी. रथिनाम मामले में आत्महत्या को अपराध मुक्त करने का प्रयास हुआ, लेकिन बाद में ज्ञान कौर मामले में इसे असंवैधानिक माना गया।

प्रश्न 20: अनुच्छेद 12 के तहत राज्य के रूप में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की स्थिति पर चर्चा इसमें की गई:

Junior Legal Officer – 2023 (Paper-1) (Constitution of India)
A) ज़ी स्पोर्ट्स लिमिटेड बनाम पंजाब राज्य
B) बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन बनाम यूनियन ऑफ इंडिया
C) ज़ी टेलीफिल्म्स लिमिटेड बनाम भारत संघ
D) नॉर्दर्न इंडिया कैंटरर्स लिमिटेड बनाम पंजाब राज्य
उत्तर: ज़ी टेलीफिल्म्स लिमिटेड बनाम भारत संघ
व्याख्या: ज़ी टेलीफिल्म्स मामले में सुप्रीम कोर्ट ने BCCI को अनुच्छेद 12 के अंतर्गत ‘राज्य’ नहीं माना, हालांकि सार्वजनिक कार्य करता है।

प्रश्न 21: “जीने के अधिकार में मानवीय गरिमा के साथ जीने का अधिकार भी शामिल है।” उच्चतम न्यायालय ने कौन से मामले में यह निर्णय दिया –

Junior Legal Officer – 2023 (Paper-1) (Constitution of India)
A) फ्रांसिस कोरली मुल्लिन बनाम दिल्ली संघ राज्य क्षेत्र
B) शबनम हाशमी बनाम भारत संघ
C) नंदिनी सुंदर बनाम छंत्तीसगढ़ राज्य
D) ए.के. गोपालन बनाम मद्रास राज्य
उत्तर: फ्रांसिस कोरली मुल्लिन बनाम दिल्ली संघ राज्य क्षेत्र
व्याख्या: फ्रांसिस कोरली मुल्लिन मामले (1981) में सर्वोच्च न्यायालय ने अनुच्छेद 21 की व्याख्या करते हुए कहा कि जीवन का अधिकार केवल पशुवत अस्तित्व नहीं, बल्कि गरिमापूर्ण जीवन भी शामिल करता है।

प्रश्न 22: निम्नलिखित में से कौन सा मामला ‘समान कार्य के लिए समान वेतन’ से संबंधित है –

Junior Legal Officer – 2023 (Paper-1) (Constitution of India)
A) लोकेश धवन बनाम भारत संघ
B) डॉ. के.आर. लक्ष्मण बनाम तमिलनाडु राज्य
C) रणधीर सिंह बनाम भारत संघ
D) अंकुल चंद्र प्रधान बनाम भारत संघ
उत्तर: रणधीर सिंह बनाम भारत संघ
व्याख्या: रणधीर सिंह मामले (1982) में न्यायालय ने अनुच्छेद 14 एवं 16 की रोशनी में समान कार्य के लिए समान वेतन के सिद्धांत को स्थापित किया।

प्रश्न 23: निम्नलिखित में से सर्वोच्च न्यायालय ने किस वाद में कहा कि ‘राष्ट्रीय ध्वज को लहराने का अधिकार’ अनुच्छेद 19(1)(क) के अधीन मूल अधिकार है –

Senior Physical Education Teacher Exam – 2022 (Paper-I GK And Others)
A) इन्द्रा साहनी बनाम भारत संघ (2000)
B) भारत संघ बनाम नवीन जिंदल (2004)
C) मिनर्वा मिल्स बनाम भारत संघ (1980)
D) वामन राव बनाम भारत संघ (1981)
उत्तर: भारत संघ बनाम नवीन जिंदल (2004)
व्याख्या: नवीन जिंदल मामले (2004) में सर्वोच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय ध्वज फहराने को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हिस्सा माना तथा निजी नागरिकों को यह अधिकार प्रदान किया।

प्रश्न 24: ‘संसद संविधान के मूल ढांचे में परिवर्तन नहीं कर सकती’, इस धारणा का प्रतिपादन भारतीय सर्वोच्च न्यायालय ने किस मामले में किया :

A) गोलकनाथ बनाम पंजाब राज्य
B) केशवानन्द भारती बनाम केरल राज्य
C) मेनका गांधी बनाम भारत संघ
D) मिनर्वा मिल्स केस
उत्तर: केशवानन्द भारती बनाम केरल राज्य
व्याख्या: केशवानंद भारती मामले (1973) में 13 न्यायाधीशों की पीठ ने मूल संरचना सिद्धांत प्रतिपादित किया, जिसके अनुसार संसद संविधान के मूल ढांचे में संशोधन नहीं कर सकती।

प्रश्न 25: किस वाद में सर्वोच्च न्यायालय ने निर्णय दिया कि संसद को मूल अधिकारों में संशोधन की शक्ति प्राप्त है, परन्तु वह संविधान के ‘मूल ढाँचे’ में किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं कर सकती –

Junior Legal Officer – 2023 (Paper-1) (Constitution of India)
A) आत्मप्रकाश बनाम हरियाणा राज्य
B) के. राय बनाम भारत संघ
C) केशवानन्द भारती वाद
D) एस.पी. गुप्ता वाद
उत्तर: केशवानन्द भारती वाद
व्याख्या: केशवानंद भारती वाद (1973) में मूल संरचना सिद्धांत की स्थापना हुई, जिसने संसद की संशोधन शक्ति को सीमित किया।

प्रश्न 26: निम्नलिखित में से किसे बंदी-प्रत्यक्षीकरण केस के नाम से जाना जाता है –

Junior Legal Officer – 2023 (Paper-1) (Constitution of India)
A) ए.डी.एम. जबलपुर बनाम शिवकान्त शुक्ला
B) हुसैनारा बनाम गृह सचिव, बिहार राज्य
C) भीमसिंह बनाम जम्मू-कश्मीर राज्य
D) केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य
उत्तर: ए.डी.एम. जबलपुर बनाम शिवकान्त शुक्ला
व्याख्या: एडीएम जबलपुर मामले (1976) को हेबियस कॉर्पस केस कहा जाता है, जिसमें आपातकाल में मौलिक अधिकारों के निलंबन को चुनौती दी गई थी।

प्रश्न 27: निम्नलिखित में से किस मामले ने ए.के. गोपालन केस में दिए गए बहुमत के निर्णय को अधिप्रभावी कर दिया –

Junior Legal Officer – 2023 (Paper-1) (Constitution of India)
A) केरल राज्य बनाम एन.एम. थॉमस
B) बेला बनर्जी बनाम पश्चिम बंगाल राज्य
C) मेनका गाँधी बनाम भारत संघ
D) रमेश थापर बनाम मद्रास राज्य
उत्तर: मेनका गाँधी बनाम भारत संघ
व्याख्या: मेनका गांधी मामले (1978) ने ए.के. गोपालन केस के सिद्धांत को बदलकर मौलिक अधिकारों की प्रक्रियात्मक न्यायिकता को स्थापित किया।

प्रश्न 28: निम्न में से किस न्यायाधीश ने ‘इंडियन यंग लॉयर्स एसोसिएशन बनाम केरल राज्य (संबरीमाला वाद)’ के मामले में विसम्मति प्रकट की थी –

Junior Legal Officer – 2023 (Paper-1) (Constitution of India)
A) न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा
B) न्यायमूर्ति नरीमन
C) न्यायमूर्ति इंदु मल्होत्रा
D) न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़
उत्तर: न्यायमूर्ति इंदु मल्होत्रा
व्याख्या: सबरीमाला मामले (2018) में न्यायमूर्ति इंदु मल्होत्रा ने एकमात्र असहमति जताते हुए परंपरा एवं धार्मिक स्वतंत्रता का पक्ष लिया।

प्रश्न 29: “शिक्षा का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मूल अधिकार है” यह अभिनिर्धारित किया गया था –

Junior Legal Officer – 2023 (Paper-1) (Constitution of India)
A) लक्ष्मीकांत बनाम भारत संघ
B) तमिलनाडु राज्य बनाम अबु कवर बाई
C) हरियाणा राज्य बनाम राजपाल शर्मा
D) मोहिनी जैन बनाम कर्नाटक राज्य
उत्तर: मोहिनी जैन बनाम कर्नाटक राज्य
व्याख्या: मोहिनी जैन मामले (1992) में न्यायालय ने शिक्षा को अनुच्छेद 21 के अंतर्गत जीवन एवं गरिमा का हिस्सा माना।

प्रश्न 30: सर्वप्रथम किस देश में नागरिक अधिकार-पत्र प्रारंभ हुआ –

A) जापान
B) फ्रांस
C) अमेरिका
D) ब्रिटैन
उत्तर: ब्रिटैन
व्याख्या: सिटिजन चार्टर की शुरुआत 1991 में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री जॉन मेजर द्वारा की गई, जिसका उद्देश्य सार्वजनिक सेवाओं में सुधार था।

प्रश्न 31: किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया कि यौन उत्पीड़न अनुच्छेद 14, 15 और 21 के तहत मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है –

A) ओल्गा टेलिस बनाम बॉम्बे नगर निगम
B) विशाखा बनाम राजस्थान राज्य
C) शीला बारसे बनाम भारत संघ
D) नीलाबती बेहरा बनाम उड़ीसा राज्य
उत्तर: विशाखा बनाम राजस्थान राज्य
व्याख्या: विशाखा मामले (1997) में कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न को मौलिक अधिकारों का उल्लंघन माना तथा विशाखा दिशानिर्देश जारी किए गए।

प्रश्न 32: ‘एम.सी. मेहता बनाम भारत संघ’ जनहित याचिका मामला किस नदी के प्रदूषण पर केंद्रित था –

A) यमुना
B) गोदावरी
C) गंगा
D) ब्रह्मपुत्र
उत्तर: गंगा
व्याख्या: एम.सी. मेहता ने गंगा प्रदूषण के खिलाफ PIL दायर की, जिसके परिणामस्वरूप टेनरियां बंद की गईं तथा गंगा सफाई अभियान शुरू हुआ।

प्रश्न 33: ‘मुंबई कामगार सभा बनाम अब्दुल थाई’ मामले के माध्यम से भारत में जनहित याचिका आंदोलन की शुरुआत किसने की –

A) न्यायमूर्ति पी.एन. भगवती
B) न्यायमूर्ति कृष्ण अय्यर
C) न्यायमूर्ति एच.आर. खन्ना
D) न्यायमूर्ति रंगनाथ मिश्रा
उत्तर: न्यायमूर्ति कृष्ण अय्यर
व्याख्या: न्यायमूर्ति वी.आर. कृष्ण अय्यर ने 1976 में मुंबई कामगार सभा मामले में PIL की अवधारणा को प्रारंभिक रूप दिया।

प्रश्न 34: ‘हुसैनारा खातून बनाम बिहार राज्य’ मामला किस मुद्दे से संबंधित था –

A) महिलाओं के अधिकार
B) जेल की स्थिति और विचाराधीन कैदी
C) पर्यावरण प्रदूषण
D) भ्रष्टाचार
उत्तर: जेल की स्थिति और विचाराधीन कैदी
व्याख्या: हुसैनारा खातून मामले (1979) में विचाराधीन कैदियों की दयनीय स्थिति पर प्रकाश डाला गया तथा शीघ्र न्याय को अनुच्छेद 21 का हिस्सा माना गया।

प्रश्न 35: भारत में पहला जनहित याचिका मामला किस वर्ष दायर किया गया था –

A) 1979
B) 1985
C) 1976
D) 1990
उत्तर: 1979
व्याख्या: हुसैनारा खातून बनाम बिहार राज्य (1979) को भारत में पहली मान्य PIL माना जाता है।

प्रश्न 36: भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद सर्वोच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर करने की अनुमति देता है –

A) अनुच्छेद 19
B) अनुच्छेद 32
C) अनुच्छेद 226
D) अनुच्छेद 21
उत्तर: अनुच्छेद 32
व्याख्या: अनुच्छेद 32 मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन हेतु सर्वोच्च न्यायालय में सीधे याचिका दायर करने का अधिकार देता है, जिसके माध्यम से PIL दायर की जाती है।

प्रश्न 37: PIL मुख्य रूप से किसकी रक्षा के लिए न्यायालय में दायर की जाती है –

A) निजी हित
B) सार्वजनिक हित
C) राजनीतिक हित
D) व्यक्तिगत विवाद
उत्तर: सार्वजनिक हित
व्याख्या: जनहित याचिका सार्वजनिक हितों जैसे पर्यावरण, मानवाधिकार आदि की रक्षा हेतु दायर की जाती है।

प्रश्न 38: ‘जनहित याचिका’ (PIL) शब्द की उत्पत्ति किस देश के न्यायशास्त्र से हुई है –

A) भारत
B) संयुक्त राज्य अमेरिका
C) यूनाइटेड किंगडम
D) कनाडा
उत्तर: संयुक्त राज्य अमेरिका
व्याख्या: PIL की अवधारणा अमेरिकी ‘Public Interest Litigation’ से ली गई, जिसे भारत में 1980 के दशक में विकसित किया गया।

प्रश्न 39: भारत में न्यायिक सक्रियता संबंधित है-

A) प्रतिबद्ध न्यायपालिका से
B) जनहित याचिका से
C) न्यायिक पुनरावलोकन से
D) न्यायिक स्वतंत्रता से
उत्तर: जनहित याचिका से
व्याख्या: भारत में न्यायिक सक्रियता मुख्य रूप से PIL के माध्यम से उभरी, जिसने सामाजिक न्याय को बढ़ावा दिया।

प्रश्न 40: जनहित याचिका कहाँ पर प्रस्तुत की जा सकती है –

A) केवल भारत के सर्वोच्च न्यायालय में
B) केवल राज्यों के उच्च न्यायालयों में
C) केंद्रीय प्रशासनिक प्राधिकरणों में
D) उच्च न्यायालयों एवं सर्वोच्च न्यायालय दोनों में
उत्तर: उच्च न्यायालयों एवं सर्वोच्च न्यायालय दोनों में
व्याख्या: PIL अनुच्छेद 32 (सर्वोच्च न्यायालय) एवं अनुच्छेद 226 (उच्च न्यायालय) के अंतर्गत दायर की जा सकती है।

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